22 हजार 923 घरों में पहुंचा नल का पानी: 119 गांव बने ‘हर घर जल’, सोलर पंप से भी जलापूर्ति

नारायणपुर। छत्तीसगढ़ के सुदूर और दुर्गम वनांचल नारायणपुर जिले में जल जीवन मिशन ग्रामीण परिवारों के लिए राहत लेकर आया है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के प्रयासों से गांवों में सुरक्षित और पर्याप्त पेयजल पहुंचाने का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। अब तक जिले के नारायणपुर और ओरछा विकासखंड के 379 गांवों में 22 हजार 923 परिवारों को घरेलू नल कनेक्शन दिया जा चुका है।
जिले में योजना के तहत कुल 33 हजार 9 घरेलू नल कनेक्शन देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। नल कनेक्शन मिलने से ग्रामीण परिवारों को पानी के लिए दूर-दराज के जलस्रोतों पर निर्भरता कम हुई है। इससे दैनिक जीवन आसान होने के साथ महिलाओं के समय की भी बचत हो रही है।
दुर्गम इलाकों में सोलर पंप बने सहारा
नारायणपुर के कई इलाके भौगोलिक रूप से कठिन हैं। ऐसे क्षेत्रों में नियमित जलापूर्ति के लिए सोलर पंपों का उपयोग किया जा रहा है। जिले में 1,084 सोलर पंप स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 852 स्थापित हो चुके हैं। इनमें 750 सोलर पंप वर्तमान में चालू हैं।
सौर ऊर्जा आधारित जल व्यवस्था से 20 हजार 138 घरों को सुरक्षित, शुद्ध और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। बिजली की उपलब्धता की चुनौती वाले दूरस्थ क्षेत्रों में यह व्यवस्था ग्रामीणों के लिए बड़ी मदद साबित हो रही है।
119 गांव ‘हर घर जल’ प्रमाणित
जल जीवन मिशन के तहत जिले के 119 गांवों के 7,276 परिवारों को पूरी तरह शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। इन गांवों को ‘हर घर जल’ गांव के रूप में प्रमाणित किया गया है और इनके जलापूर्ति प्रबंधन की जिम्मेदारी संबंधित ग्राम पंचायतों को सौंप दी गई है।
इसके अलावा जिले में 3,572 हैंडपंप भी ग्रामीणों की दैनिक पानी की जरूरत पूरी करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
महिलाओं को सबसे बड़ी राहत
जलापूर्ति व्यवस्था के साथ जल स्रोतों की स्वच्छता, पाइपलाइन रखरखाव और जल संरक्षण पर भी ध्यान दिया जा रहा है। विभाग के अनुसार, शुद्ध पेयजल की उपलब्धता से मौसमी बीमारियों में कमी आई है। वहीं पानी लाने में लगने वाला समय बचने से ग्रामीण महिलाओं को विशेष राहत मिली है। दुर्गम इलाकों में नल से पानी पहुंचना ग्रामीण जीवन में बड़े बदलाव की वजह बन रहा है।





