महंगाई की मार: खाने-पीने की चीजें और ट्रांसपोर्टेशन महंगे, सोना-चांदी में जबरदस्त उछाल; डीजल खरीद पर नई सीमा

नई दिल्ली। देश में महंगाई का दबाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। मई महीने में खुदरा महंगाई दर बढ़कर 3.93 प्रतिशत पर पहुंच गई है। अप्रैल में यह दर 3.48 प्रतिशत थी। पिछले पांच महीनों में पहली बार खुदरा
महंगाई भारतीय रिजर्व बैंक के 4 प्रतिशत के लक्ष्य के करीब पहुंची है। महंगाई बढ़ने की प्रमुख वजह खाने-पीने की वस्तुओं और ट्रांसपोर्टेशन की लागत में बढ़ोतरी को माना जा रहा है।
आंकड़ों के अनुसार, साल 2026 की शुरुआत में खुदरा महंगाई दर 2.74 प्रतिशत थी, जो लगातार बढ़ते हुए मई में 3.93 प्रतिशत तक पहुंच गई। अप्रैल की तुलना में मई में महंगाई में 0.45 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जो पिछले 16 महीनों में सबसे तेज मासिक बढ़ोतरी बताई जा रही है।
उधर, सोने और चांदी की कीमतों में भी बड़ी तेजी देखने को मिली। 12 जून को चांदी के भाव में एक दिन में 9,991 रुपये की बढ़ोतरी हुई और यह 2.43 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। वहीं 24 कैरेट सोना 3,018 रुपये महंगा होकर 1.48 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया।
ईंधन की बिक्री को लेकर भी सरकार ने नया आदेश जारी किया है। अब एक ग्राहक एक दिन में अधिकतम 200 लीटर तक ही डीजल खरीद सकेगा। इसके अलावा फैक्ट्रियों और बड़े व्यावसायिक उपभोक्ताओं को रिटेल पेट्रोल पंपों से डीजल खरीदने की अनुमति नहीं होगी।
उन्हें ईंधन की जरूरत के लिए बल्क सेल पॉइंट्स का इस्तेमाल करना होगा। यह व्यवस्था शुरुआती तौर पर 90 दिनों के लिए लागू की गई है।
सरकार ने यह कदम कुछ क्षेत्रों में पेट्रोल पंपों पर अचानक बढ़ी असामान्य बिक्री को देखते हुए उठाया है। अधिकारियों का कहना है कि इससे आम उपभोक्ताओं के लिए ईंधन की उपलब्धता बनाए रखने में मदद मिलेगी।
इस बीच खाद्य सुरक्षा को लेकर भी कार्रवाई तेज हुई है। मैगी के कुछ पैकेट में कीड़े मिलने की शिकायत के बाद भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने संबंधित कंपनी से जवाब मांगा है और शिकायत वाले बैच को बाजार से हटाने के निर्देश दिए हैं।



