कोयला लेवी केस में सूर्यकांत तिवारी के करीबी आरके जैन को सुप्रीम कोर्ट से जमानत: 540 करोड़ की अवैध वसूली से जुड़ा है मामला

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने जुलाई में खारिज की थी याचिका; 11 दिसंबर 2025 को हुई थी गिरफ्तारी, ट्रायल कोर्ट की शर्तों पर होगी रिहाई

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित कोयला लेवी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी राकेश जैन उर्फ आरके जैन को नियमित जमानत दे दी है। उन्हें मुख्य आरोपी सूर्यकांत तिवारी का करीबी सहयोगी बताया गया है।

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने सुनवाई के बाद उनकी जमानत याचिका स्वीकार करते हुए ट्रायल कोर्ट की ओर से तय की जाने वाली शर्तों पर रिहाई के निर्देश दिए हैं।

इससे पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने 27 जुलाई 2026 को आरके जैन की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।

540 करोड़ रुपए की अवैध वसूली का आरोप

अभियोजन पक्ष के मुताबिक, कोयला परिवहन के दौरान प्रति टन 25 रुपए की अवैध वसूली की गई थी। इस पूरे नेटवर्क के जरिए करीब 540 करोड़ रुपए की वसूली किए जाने का आरोप है। आरके जैन पर इस रकम को खपाने में मदद करने का आरोप लगाया गया है। उन्हें 11 दिसंबर 2025 को गिरफ्तार किया गया था।

सुप्रीम कोर्ट ने इन आधारों पर दी राहत

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने गौर किया कि आरके जैन का नाम शुरुआती एफआईआर में नहीं था। उन्हें 10 मार्च 2026 को दाखिल चौथे पूरक आरोपपत्र में आरोपी बनाया गया था। कोर्ट ने यह भी ध्यान दिया कि मामले की जांच पूरी हो चुकी है, आरोपपत्र दाखिल किया जा चुका है और सह-आरोपियों को पहले ही जमानत मिल चुकी है।

हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने जमानत देते समय मामले के गुण-दोष पर कोई टिप्पणी नहीं की है। अब ट्रायल कोर्ट की शर्तों के अनुसार उनकी रिहाई की प्रक्रिया पूरी होगी।

↑
Exit mobile version