पारस पोर्टल से होगी योजनाओं की निगरानी: सीमांकन में लापरवाही पर CM साय सख्त, हर महीने होगी समीक्षा

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पहुंचाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
इसी उद्देश्य से विकसित पारस (Project Assessment, Review and Analysis System) पोर्टल सुशासन का प्रभावी माध्यम बनेगा।
मुख्यमंत्री ने महानदी भवन में आयोजित पारस पोर्टल की पहली राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक में सीएम हेल्पलाइन 1076, सेवा सेतु, एग्रीस्टैक, विकसित भारत जी-रामजी, मोबाइल टॉवर परियोजना और स्कूल शिक्षा विभाग की योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की।
बैठक में मुख्यमंत्री ने राजस्व विभाग में सीमांकन के लंबित मामलों पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि सक्षम अधिकारी के आदेश के बावजूद समय पर सीमांकन नहीं होना गंभीर लापरवाही है।
सभी कलेक्टरों को निर्देश दिए गए कि निर्धारित समय-सीमा में मामलों का निराकरण सुनिश्चित करें और लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई करें।
मुख्यमंत्री ने एग्रीस्टैक में प्रत्येक पात्र किसान का शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी किसान को सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए।
वहीं सीएम हेल्पलाइन 1076 की समीक्षा में बताया गया कि अब तक 1.10 लाख से अधिक शिकायतें मिली हैं, जिनमें 65 हजार से ज्यादा का निराकरण हो चुका है। मुख्यमंत्री ने कमजोर प्रदर्शन वाले जिलों में विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए।
सेवा सेतु पोर्टल के जरिए वर्तमान में 27 विभागों की 721 सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध हैं। मुख्यमंत्री ने सभी शेष सेवाओं को भी जल्द ऑनलाइन जोड़ने और ग्राम पंचायतों व सीएससी केंद्रों के माध्यम से इसका व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए।
बैठक में विकसित भारत जी-रामजी योजना, 476 मोबाइल टावरों की स्थापना और स्कूलों में पाठ्यपुस्तक, गणवेश, साइकिल वितरण व पोषण योजनाओं की भी समीक्षा की गई।
मुख्यमंत्री ने स्कूलों में किचन गार्डन और उपयोगी पौधों के रोपण पर जोर देते हुए कहा कि अब हर महीने के अंतिम मंगलवार को पारस पोर्टल के माध्यम से सभी प्रमुख योजनाओं की नियमित समीक्षा की जाएगी।





