जल जीवन मिशन के लिए राज्य सरकार ने दिए 3000 करोड़, केंद्र से 536 करोड़ की प्रतिपूर्ति

रायपुर। छत्तीसगढ़ में जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल सुविधा मजबूत करने के लिए राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में बड़ा वित्तीय सहयोग दिया है। राज्य सरकार द्वारा मिशन के कार्यों के लिए 3000 करोड़ रुपए का राज्यांश अग्रिम रूप से जारी कर दिया गया था, जिससे योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आई।
आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, यह पूरी राशि वर्ष 2024-25 के दौरान ही खर्च कर दी गई, जिससे ‘हर घर नल से जल’ योजना के तहत गांव-गांव में पाइपलाइन के जरिए शुद्ध पेयजल पहुंचाने के काम को गति मिली। इसके बाद भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, नई दिल्ली द्वारा 536 करोड़ 53 लाख रुपए की राशि राज्य को प्रतिपूर्ति (रीइम्बर्समेंट) के रूप में जारी की गई है।
गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने जल जीवन मिशन की अवधि को बढ़ाकर अब दिसंबर 2028 तक कर दिया है। इसके तहत मिशन 2.0 के रूप में कार्य जारी है। इस विस्तारित अवधि में राज्य सरकार का फोकस अधूरे प्रोजेक्ट्स को पूरा करने और नई योजनाओं को शुरू करने पर है, ताकि सभी ग्रामीण परिवारों को स्वच्छ पेयजल की सुविधा सुनिश्चित की जा सके।
जल जीवन मिशन के तहत प्रदेश के दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों में भी तेजी से पाइपलाइन बिछाने, जल स्त्रोतों के विकास और जल गुणवत्ता सुधार के कार्य किए जा रहे हैं। इससे न केवल ग्रामीणों को सुरक्षित पानी मिल रहा है, बल्कि महिलाओं और बच्चों को पानी लाने की समस्या से भी राहत मिल रही है।
राज्य सरकार का दावा है कि आने वाले समय में मिशन के तहत शत-प्रतिशत ग्रामीण घरों तक नल कनेक्शन पहुंचाने का लक्ष्य हासिल किया जाएगा।





