रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी “निश्चय” योजना के तहत शनिवार को केंद्रीय जेल और महिला जेल रायपुर में विशेष गरिमामयी समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवा बंदियों को अपराध की दुनिया से दूर कर आत्मनिर्भर और सम्मानजनक जीवन की ओर अग्रसर करना है। जेल विभाग द्वारा संचालित इस योजना के जरिए बंदियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने की कोशिश की जा रही है।
निश्चय कार्यक्रम के तहत बंदियों को मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग, अपराध बोध का ज्ञान, स्व-रोजगार आधारित कौशल प्रशिक्षण और रिहाई के बाद बैंक ऋण की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक प्रदेश की सभी जेलों में यह अभियान संचालित है, ताकि युवा बंदी दोबारा अपराध की ओर न लौटें।
समारोह के दौरान कुल 67 बंदियों को कौशल विकास प्रशिक्षण पूरा करने पर प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। इनमें 38 महिला बंदिनी और 29 पुरुष बंदी शामिल हैं। प्रशिक्षण के तहत सिलाई, कंप्यूटर, हस्तशिल्प समेत कई रोजगारोन्मुखी गतिविधियों की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में केंद्रीय जेल रायपुर में कंप्यूटर प्रशिक्षण केंद्र का भी शुभारंभ किया गया। अब बंदी जेल परिसर के भीतर ही कंप्यूटर का बेसिक और एडवांस प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे। अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल शिक्षा से रिहाई के बाद बंदियों के लिए रोजगार के नए अवसर खुलेंगे और वे आत्मनिर्भर बन सकेंगे।
इसके अलावा बंदियों के पुनर्वास को आर्थिक मजबूती देने के लिए 13 मई 2026 को केंद्रीय जेल परिसर में इंडियन ओवरसीज बैंक की ओर से लोन मेले का आयोजन किया जाएगा। इसमें रिहाई के करीब पहुंच चुके बंदियों को स्वरोजगार शुरू करने के लिए आसान ऋण उपलब्ध कराया जाएगा।
कार्यक्रम में डीजी जेल हिमांशु गुप्ता, जेल अधीक्षक योगेश सिंह क्षत्री, महिला जेल प्रभारी गरिमा पांडेय सहित जेल प्रशासन के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
