इलेक्ट्रिशियन बन रहीं ग्रामीण महिलाएं: पुरुषों के वर्चस्व वाले क्षेत्र में बढ़ाए आत्मनिर्भरता के कदम

बिलासपुर। बिलासपुर में ग्रामीण महिलाएं अब पारंपरिक कामों की सीमाएं तोड़कर इलेक्ट्रिशियन जैसे तकनीकी क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं। कोनी स्थित ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आर-सेटी) में 20 महिलाओं को इलेक्ट्रिशियन का प्रशिक्षण दिया गया है। प्रशिक्षण के बाद महिलाएं अब रोजगार और स्वरोजगार की नई राह पर आगे बढ़ने के लिए तैयार हैं।

‘बिहान’ योजना से जुड़ी इन महिलाओं को वायरिंग, स्विच बोर्ड सुधार, घरेलू विद्युत उपकरणों की मरम्मत, सुरक्षा उपाय और तकनीकी जानकारी दी गई। आर-सेटी में इस साल पहली बार महिलाओं के लिए इलेक्ट्रिशियन कोर्स शुरू किया गया है। इसका उद्देश्य महिलाओं को तकनीकी कौशल देकर आर्थिक रूप से मजबूत बनाना और रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराना है।

रतनपुर की आबिदा बताती हैं कि पहले उन्हें लगता था कि बिजली का काम केवल पुरुषों के लिए है, लेकिन प्रशिक्षण के बाद उनका नजरिया पूरी तरह बदल गया। अब वे अपने घर की बिजली संबंधी समस्याएं खुद ठीक कर लेती हैं और भविष्य में इसी काम से आय बढ़ाने की योजना बना रही हैं। उनका कहना है कि अब छोटी खराबियों के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

मस्तूरी के डोमगांव की तिगमती डहरिया पहले से निजी कंपनी में इलेक्ट्रिशियन के रूप में काम कर रही थीं। प्रशिक्षण के बाद उनके तकनीकी ज्ञान और आत्मविश्वास में और बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कहा कि सही तकनीक और सुरक्षा नियमों का पालन किया जाए तो यह काम महिलाओं के लिए भी पूरी तरह सुरक्षित है।

प्रशिक्षण लेने वाली महिलाओं ने बताया कि उन्हें रहने और भोजन की अच्छी सुविधा के साथ व्यवहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया। इसमें तकनीकी जानकारी के साथ आत्मविश्वास, कार्य अनुशासन और स्वरोजगार के अवसरों की भी जानकारी दी गई।

केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय और एसबीआई के सहयोग से संचालित आर-सेटी में हर साल कई निःशुल्क प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जाते हैं। इस बार महिलाओं के लिए इलेक्ट्रिशियन प्रशिक्षण शुरू होने से ग्रामीण क्षेत्रों में नई सोच और सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है।

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