नई सड़कें, पुल और फोरलेन बनेंगे; मौजूदा मार्गों का चौड़ीकरण-मजबूतीकरण भी होगा, विभाग ने कार्यादेश जारी करने के दिए निर्देश
रायपुर। बरसात खत्म होने के बाद छत्तीसगढ़ में सड़क और पुल निर्माण के कामों में तेजी आएगी। राज्य शासन ने 672 करोड़ 22 लाख 30 हजार रुपए की लागत वाले 24 कार्यों की निविदाओं को मंजूरी दी है।
इनमें नई सड़क और पुल निर्माण के साथ मौजूदा सड़कों का उन्नयन, चौड़ीकरण, मजबूतीकरण, विद्युतीकरण और सौंदर्यीकरण शामिल है। लोक निर्माण विभाग ने संबंधित अधिकारियों को चयनित ठेकेदारों और निर्माण एजेंसियों को जल्द कार्यादेश जारी कर काम शुरू कराने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि मजबूत सड़क और पुल अधोसंरचना राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। बेहतर सड़कों से गांवों और शहरों के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होने के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, बाजार और अन्य सुविधाओं तक पहुंच आसान होगी। परियोजनाओं के पूरा होने से आवागमन के साथ स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद है।
24 कामों में 7 नई सड़कें
स्वीकृत कार्यों में 7 नई सड़कें, 2 पुल एवं पहुंच मार्ग, 3 सड़क उन्नयन और 12 चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण के काम शामिल हैं। दुर्ग, धमतरी, राजनांदगांव, बिलासपुर, महासमुंद, बलरामपुर-रामानुजगंज और रायगढ़ समेत कई जिलों में निर्माण होगा।
दुर्ग में पुलगांव-अंजोरा-रसमड़ा मार्ग पर 5.28 किमी फोरलेन सड़क के लिए 28.02 करोड़ रुपए और धमतरी के आमदी में 3.50 किमी फोरलेन गौरव पथ के लिए 19.26 करोड़ रुपए की निविदा मंजूर हुई है। राजनांदगांव के डोंगरगढ़ में 8 किमी फोरलेन परिक्रमा पथ के लिए 46.22 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं।
अरपा और खारून नदी पर बनेंगे पुल
बिलासपुर में अरपा नदी पर उच्च स्तरीय पुल और पहुंच मार्ग के लिए 17.63 करोड़ तथा चोरहादेवरी-परसदा मार्ग पर खारून नदी में पुल के लिए 7.68 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं। रायगढ़ में दो अलग-अलग 5 किमी हिस्सों के फोरलेन चौड़ीकरण और विद्युतीकरण के लिए करीब 107 करोड़ रुपए की निविदाएं स्वीकृत हुई हैं।
गुणवत्ता और समयसीमा पर जोर
उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने अधिकारियों को सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा कराने के निर्देश दिए हैं। कार्यपालन अभियंताओं को निर्माण की नियमित निगरानी और विभागीय मापदंडों के पालन को सुनिश्चित करने कहा गया है। शासन ने स्पष्ट किया है कि स्वीकृत कार्यों को सबलेट नहीं किया जा सकेगा और अनुबंधित अवधि में ही काम पूरा करना होगा।
