CBSE 12वीं के छात्रों को राहत: वेरिफिकेशन-री-इवैल्यूएशन की तारीख बढ़ी, साइबर अटैक मामले में FIR

नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने 12वीं बोर्ड परीक्षा के परिणामों के बाद वेरिफिकेशन और री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन करने वाले छात्रों को बड़ी राहत दी है। बोर्ड ने आवेदन की अंतिम तिथि 6 जून से बढ़ाकर 7 जून 2026 कर दी है। यह फैसला छात्रों को अतिरिक्त समय देने और पोर्टल पर आई तकनीकी समस्याओं को देखते हुए लिया गया है।

CBSE ने 2 जून को पोस्ट-रिजल्ट सेवाओं के लिए ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया था। इसके बाद बड़ी संख्या में छात्रों ने उत्तर पुस्तिका देखने, अंकों के सत्यापन और री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन करते समय तकनीकी दिक्कतों की शिकायत की थी। इसी बीच बोर्ड ने पोर्टल पर हुए साइबर हमलों को लेकर दिल्ली पुलिस में FIR दर्ज कराई है।

बोर्ड के अनुसार, पिछले तीन दिनों के दौरान पोर्टल पर लगातार साइबर अटैक किए गए। हालांकि सुरक्षा तंत्र की मदद से इन हमलों को समय रहते विफल कर दिया गया। अधिकारियों के मुताबिक 4 जून तक कुल 70,433 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें 7,314 आवेदन मार्क्स वेरिफिकेशन और 63,119 आवेदन री-इवैल्यूएशन से संबंधित हैं।

जांच में सामने आया कि पोर्टल शुरू होने के तुरंत बाद ‘डिनायल ऑफ सर्विस’ (DoS) अटैक किया गया, जिससे कुछ ही मिनटों में वेबसाइट पर लगभग 15 लाख हिट्स दर्ज हुईं। इसके अलावा एक लाख से अधिक बार अनधिकृत रूप से फाइलों तक पहुंचने की कोशिश की गई। CBSE ने स्पष्ट किया है कि अब तक किसी भी छात्र का डेटा लीक होने या अनधिकृत एक्सेस का मामला सामने नहीं आया है।

बोर्ड ने बताया कि साइबर सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए IIT कानपुर, IIT मद्रास, डिजिटल इंडिया कॉर्पोरेशन, I4C और CERT-In जैसी संस्थाओं की विशेषज्ञ टीमों की मदद ली गई। वहीं, हाल के दिनों में ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली और मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर उठे विवादों के बाद CBSE की कार्यप्रणाली पर भी चर्चा तेज हो गई है।

छात्र अब 7 जून तक वेरिफिकेशन और री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन कर सकते हैं। बोर्ड ने छात्रों से केवल आधिकारिक पोर्टल का उपयोग करने और किसी भी भ्रामक जानकारी से बचने की अपील की है।

Exit mobile version