RBI ने रेपो रेट बढ़ाकर 5.50% किया: होम-कार लोन महंगा होने का खतरा, जानें EMI पर कितना असर

नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने लोन लेने वालों को बड़ा झटका दिया है। मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक में केंद्रीय बैंक ने रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट यानी 0.25% की बढ़ोतरी की है। इसके बाद रेपो रेट 5.25% से बढ़कर 5.50% हो गया है। RBI के इस फैसले का असर होम लोन, कार लोन और रेपो रेट से जुड़े दूसरे कर्ज पर पड़ सकता है।
RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बुधवार को तीन दिवसीय MPC बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी दी। साल 2026 में यह MPC की चौथी बैठक थी। इससे पहले अप्रैल, जून और अगस्त की बैठकों में रेपो रेट को 5.25% पर बरकरार रखा गया था।
महंगाई और कच्चे तेल की कीमतों का असर
रेपो रेट बढ़ाने के पीछे महंगाई का दबाव और पश्चिम एशिया में तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी को अहम वजह माना जा रहा है। माना जा रहा था कि इन परिस्थितियों के बीच RBI ब्याज दरों में बदलाव कर सकता है।
क्या बढ़ जाएगी आपकी EMI?
रेपो रेट बढ़ने का असर खासतौर पर उन लोन पर पड़ सकता है, जिनकी ब्याज दर बाहरी बेंचमार्क जैसे रेपो रेट से जुड़ी है। बैंक ब्याज दर बढ़ाते हैं तो ग्राहकों की EMI बढ़ सकती है या लोन की अवधि लंबी हो सकती है। हालांकि, रेपो रेट बढ़ने का मतलब यह नहीं है कि हर ग्राहक की EMI तुरंत बढ़ जाएगी। वास्तविक असर बैंक की ब्याज दर, लोन के प्रकार और ग्राहक के लोन एग्रीमेंट पर निर्भर करेगा।
रेपो रेट क्या होता है?
रेपो रेट वह दर है, जिस पर RBI बैंकों को कम अवधि के लिए पैसा उधार देता है। इसके बढ़ने से बैंकों के लिए फंड जुटाना महंगा हो सकता है और इसका असर ग्राहकों को दिए जाने वाले कर्ज की ब्याज दरों पर पड़ सकता है। वहीं, रेपो रेट घटने पर लोन सस्ता होने की संभावना रहती है।





