राजस्थान समेत 9 राज्यों में बारिश थमी, बढ़ी गर्मी: श्रीगंगानगर में पारा 42°C; प्रयागराज-ऋषिकेश में गंगा का जलस्तर बढ़ा

दिल्ली। देश के करीब 70 फीसदी हिस्से में मानसून की रफ्तार फिलहाल थम गई है। राजस्थान, दिल्ली-एनसीआर, पश्चिमी मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र समेत 9 राज्यों में अगले पांच दिनों तक बारिश की संभावना बेहद कम है।

बारिश का दौर कमजोर पड़ने से उत्तर भारत के कई राज्यों में तापमान फिर बढ़ने लगा है। राजस्थान के श्रीगंगानगर में रविवार को अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, 9 जुलाई के बाद बंगाल की खाड़ी में कोई मजबूत लो-प्रेशर सिस्टम विकसित नहीं हुआ।

इसी वजह से मानसून को पर्याप्त नमी नहीं मिल रही है और मानसून ट्रफ भी सामान्य स्थिति से उत्तर की ओर खिसक गई है। इसके चलते मध्य, पश्चिम और दक्षिण भारत के बड़े हिस्सों में बादल और बारिश की गतिविधियां कमजोर पड़ गई हैं।

हालांकि उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार और पूर्वोत्तर के कुछ हिस्सों में बारिश का असर जारी है। उत्तराखंड और हिमाचल में लगातार बारिश और भूस्खलन के कारण करीब 440 सड़कें बंद हो गई हैं।

पहाड़ों में हो रही बारिश का असर मैदानी इलाकों में भी दिखने लगा है। प्रयागराज, ऋषिकेश और रुद्रप्रयाग में गंगा और मंदाकिनी नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है।

ऋषिकेश में गंगा खतरे के निशान के करीब पहुंच गई, जिससे कई घाट जलमग्न हो गए और प्रशासन ने लोगों को नदी से दूर रहने की सलाह दी है।

वहीं, बिहार के पटना में भारी बारिश से कई इलाकों में जलभराव हो गया। अस्पताल परिसर और प्रमुख सड़कों पर दो-दो फीट तक पानी भरने से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

मौसम विभाग का कहना है कि फिलहाल देश के अधिकांश हिस्सों में मानसून के दोबारा पूरी तरह सक्रिय होने की संभावना कम है।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, अब बारिश की वापसी के लिए बंगाल की खाड़ी में नए मानसूनी सिस्टम बनने का इंतजार रहेगा। तब तक कई राज्यों में गर्मी और उमस लोगों की परेशानी बढ़ा सकती है।

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