मिडिल-ईस्ट तनाव पर आज संसद में बयान, स्पीकर हटाने के प्रस्ताव पर भी चर्चा संभव

दिल्ली। संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण सोमवार से शुरू हो रहा है और इसके हंगामेदार रहने के आसार हैं। सत्र की शुरुआत दोनों सदनों में दिवंगत नेताओं और सांसदों को श्रद्धांजलि देने के साथ होगी। इसके बाद सदन में कई अहम मुद्दों पर चर्चा हो सकती है, जिनमें मिडिल-ईस्ट का तनाव, रूस से तेल खरीद पर अमेरिकी छूट और लोकसभा स्पीकर के खिलाफ लाया गया प्रस्ताव शामिल है।
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव को लेकर विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर संसद के दोनों सदनों में बयान देंगे। वे सुबह 11 बजे राज्यसभा और दोपहर 12 बजे लोकसभा में सरकार का आधिकारिक पक्ष रखेंगे। विपक्ष का कहना है कि केवल बयान से काम नहीं चलेगा, बल्कि इस मुद्दे पर सदन में विस्तृत चर्चा कराई जानी चाहिए, ताकि सांसद सवाल पूछ सकें और सरकार से स्पष्ट जवाब मिल सके।
इसी के साथ लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पद से हटाने के विपक्ष के प्रस्ताव पर भी चर्चा होने की संभावना है। कांग्रेस सहित विपक्ष के 118 सांसदों ने 10 फरवरी को लोकसभा सचिवालय को नोटिस सौंपा था। विपक्ष का आरोप है कि स्पीकर सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरतते और विपक्षी सांसदों को बोलने का पर्याप्त अवसर नहीं दिया जाता।
संविधान के अनुच्छेद 94(सी) के अनुसार लोकसभा साधारण बहुमत से स्पीकर को पद से हटा सकती है, बशर्ते इसके लिए कम से कम 14 दिन पहले लिखित नोटिस दिया गया हो। हालांकि मौजूदा स्थिति में सरकार के पास बहुमत होने के कारण इस प्रस्ताव का पारित होना कठिन माना जा रहा है।
इस बीच तृणमूल कांग्रेस ने भी संकेत दिए हैं कि वह विपक्ष के साथ खड़ी रहेगी और प्रस्ताव के समर्थन में मतदान कर सकती है। ऐसे में संसद का यह सत्र राजनीतिक रूप से काफी अहम और टकरावपूर्ण रहने की संभावना है।





