रायपुर। रायपुर के नकटी गांव में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बाद सियासत तेज हो गई है। कार्रवाई के दूसरे दिन भी प्रभावित परिवारों का आक्रोश जारी रहा। ग्रामीणों ने साफ कहा कि वे किसी भी कीमत पर अपना गांव नहीं छोड़ेंगे। इसी बीच कांग्रेस नेताओं ने गांव पहुंचकर प्रभावित लोगों से मुलाकात की और उनकी लड़ाई लड़ने का भरोसा दिलाया।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, पूर्व मंत्री सत्यनारायण शर्मा, पूर्व विधायक धनेंद्र साहू और विकास उपाध्याय सहित कई कांग्रेस नेता गांव पहुंचे। भूपेश बघेल ने आरोप लगाया कि भाजपा की अंदरूनी गुटबाजी के कारण ग्रामीणों के मकान तोड़े गए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण सांसद बृजमोहन अग्रवाल के पास अपनी बात लेकर गए थे, जिसके बाद सरकार से जुड़े लोगों ने कार्रवाई कर उनके घर उजाड़ दिए।
भूपेश के आरोपों पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा पूरी तरह एकजुट है और पार्टी में किसी तरह की गुटबाजी नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस भाजपा को आपस में लड़ाने की कोशिश कर रही है, जबकि सरकार जनहित में काम कर रही है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि अतिक्रमण हटाने से पहले ग्रामीणों को कई बार नोटिस दिए गए थे। उन्होंने बताया कि प्रभावित 66 परिवारों को ईडब्ल्यूएस आवास आवंटित किए जा चुके हैं और कई परिवार वहां शिफ्ट भी हो गए हैं।
वहीं, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि सरकार यदि पुनर्वास की बात कर रही है तो प्रभावित परिवारों के लिए स्थायी मकान बनाए जाएं, केवल अस्थायी आवास देना समाधान नहीं है।
दूसरी ओर, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि इस पूरी प्रक्रिया की शुरुआत कांग्रेस शासनकाल में हुई थी और तब कांग्रेस ने प्रभावित लोगों के लिए आवाज क्यों नहीं उठाई। इस बीच बिंद्रानवागढ़ विधायक जनक राम ध्रुव ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर कार्रवाई पर आपत्ति जताई और कहा कि जबरन विस्थापन स्वीकार्य नहीं है।
