एक तारीख, 13 स्थापना दिवस: 1 नवंबर को क्यों मनाते हैं 8 राज्य और 5 केंद्र शासित प्रदेश जश्न

दिल्ली। भारत के इतिहास में 1 नवंबर की तारीख बेहद खास है। इस दिन देश के 8 राज्य और 5 केंद्र शासित प्रदेश अपना स्थापना दिवस मनाते हैं। इनमें छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु शामिल हैं। वहीं दिल्ली, चंडीगढ़, अंडमान-निकोबार, लक्षद्वीप और पुडुचेरी भी इस दिन को अपने प्रशासनिक इतिहास से जोड़कर देखते हैं।
1956 में हुआ था राज्यों का बड़ा पुनर्गठन
आजादी के बाद देश में राज्यों की सीमाओं और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर बदलाव की मांग उठी। खासकर भाषा के आधार पर अलग राज्यों के गठन की मांग तेज हुई। इसके बाद 1 नवंबर 1956 को राज्य पुनर्गठन अधिनियम लागू हुआ। इसी दिन मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और केरल सहित कई राज्यों का गठन या पुनर्गठन हुआ।
आंध्र प्रदेश भाषाई आधार पर गठित होने वाला पहला राज्य था। कन्नड़ भाषी क्षेत्रों को मिलाकर कर्नाटक और मालाबार, कोचीन व त्रावणकोर क्षेत्रों को मिलाकर केरल बनाया गया। तत्कालीन मद्रास राज्य का भी भाषाई आधार पर पुनर्गठन हुआ। बाद में 1969 में इसका नाम तमिलनाडु कर दिया गया।
छत्तीसगढ़ 2000 में बना अलग राज्य
छत्तीसगढ़ का इतिहास बाकी राज्यों से अलग है। मध्य प्रदेश से अलग होकर 1 नवंबर 2000 को यह देश का 26वां राज्य बना। हर साल इस दिन राज्य स्थापना दिवस और राज्योत्सव मनाया जाता है। वहीं हरियाणा का गठन 1 नवंबर 1966 को पंजाब से अलग करके किया गया था। इसी दिन पंजाब का भी पुनर्गठन हुआ।
केंद्र शासित प्रदेशों का भी जुड़ा है इतिहास
दिल्ली और अंडमान-निकोबार को 1 नवंबर 1956 को केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा मिला। लक्षद्वीप भी इसी तारीख को अलग प्रशासनिक इकाई बना। चंडीगढ़ 1 नवंबर 1966 को पंजाब और हरियाणा के पुनर्गठन के बाद दोनों राज्यों की राजधानी बना। पुडुचेरी में 1 नवंबर 1954 को फ्रांसीसी क्षेत्रों का वास्तविक हस्तांतरण भारत को हुआ था। इस तरह 1 नवंबर देश के अलग-अलग हिस्सों की ऐतिहासिक पहचान और प्रशासनिक बदलावों की याद दिलाता है।





