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कभी आवाज का उड़ा मजाक, आज भी हिट गानों से कायम है पहचान; हिमेश की सक्सेस स्टोरी

16 साल की उम्र में टीवी सीरियल प्रोड्यूस किया, सलमान खान की फिल्म से बॉलीवुड में एंट्री; ‘आशिक बनाया आपने’ से बने सिंगर

मुंबई। कभी उनके गाने चार्टबस्टर होते थे, तो कभी उनकी नाक से गाने वाली आवाज का मजाक उड़ाया जाता था। फिल्मों में बतौर हीरो भी उन्हें आलोचनाओं का सामना करना पड़ा, लेकिन हिमेश रेशमिया ने हार नहीं मानी। संगीतकार से सिंगर और फिर अभिनेता तक का सफर तय कर उन्होंने बॉलीवुड में अपनी अलग पहचान बनाई। ‘तेरे नाम’, ‘आशिक बनाया आपने’ और ‘झलक दिखला जा’ जैसे गानों ने उन्हें घर-घर में लोकप्रिय किया।

16 साल की उम्र में शुरू किया काम

हिमेश का जन्म 23 जुलाई 1973 को मुंबई में हुआ। उनके पिता विपिन रेशमिया संगीतकार थे। घर में संगीत का माहौल था। हिमेश ने महज 16 साल की उम्र में टीवी सीरियल प्रोड्यूस करना शुरू कर दिया था। इसी दौरान उन्होंने संगीत की बारीकियां सीखीं और टीवी शो के लिए टाइटल ट्रैक कंपोज किए। सीरियल ‘अंदाज’ के टाइटल ट्रैक से उन्हें पहचान मिली।

सलमान खान की फिल्म से मिला बड़ा मौका

हिमेश के करियर को आगे बढ़ाने में सलमान खान की अहम भूमिका रही। 1998 में फिल्म ‘प्यार किया तो डरना क्या’ से उन्होंने बॉलीवुड में संगीतकार के तौर पर शुरुआत की। इसके बाद ‘बंधन’ और ‘हैलो ब्रदर’ जैसी फिल्मों में काम किया। 2003 में आई ‘तेरे नाम’ के गानों ने उन्हें बड़ी पहचान दिलाई। ‘क्यों किसी को’, ‘तुमसे मिलना’ और ‘लगन लगी’ जैसे गाने खूब लोकप्रिय हुए।

संगीतकार से बने गायक

2005 में हिमेश ने ‘आशिक बनाया आपने’ के टाइटल ट्रैक से गायकी की शुरुआत की। गाने की लोकप्रियता के साथ उनकी आवाज पर चर्चा और आलोचना दोनों हुईं। इसके बावजूद ‘झलक दिखला जा’, ‘आशिकी में तेरी’, ‘तेरा सुरूर’, ‘जरा झूम झूम’ और ‘हुक्का बार’ जैसे गानों ने उनकी लोकप्रियता बढ़ाई। ‘आशिक बनाया आपने’ के लिए उन्हें बेस्ट मेल प्लेबैक सिंगर का फिल्मफेयर अवॉर्ड भी मिला।

अभिनय में भी आजमाई किस्मत

2007 में फिल्म ‘आपका सुरूर’ से हिमेश ने बतौर अभिनेता शुरुआत की। इसके बाद कई फिल्मों में नजर आए, हालांकि अभिनय में उन्हें संगीत जैसी सफलता नहीं मिली। आलोचनाओं के बावजूद उन्होंने काम जारी रखा। सलमान खान के साथ रिश्तों में अनबन की खबरों के बाद दोनों ने फिर साथ काम किया। हिमेश का सफर बताता है कि लगातार प्रयोग और मेहनत से उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई।

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