नोनी सुरक्षा योजना से आंचल के भविष्य को मिला आर्थिक संबल, एलआईसी का एक लाख का बॉन्ड

18 साल की उम्र पूरी होने पर मिलेगी निर्धारित राशि; बेटी को उच्च शिक्षा दिलाकर आत्मनिर्भर बनाना चाहती हैं मां
अम्बिकापुर। छत्तीसगढ़ शासन की नोनी सुरक्षा योजना बेटियों के सुरक्षित भविष्य के लिए आर्थिक सहारा बन रही है। सरगुजा जिले के अम्बिकापुर विकासखंड के ग्राम पंचायत कृष्णापुर की मानती राजवाड़े की बेटी आंचल राजवाड़े को इस योजना का लाभ मिला है।
आंचल के नाम पर भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के माध्यम से एक लाख रुपए का बॉन्ड जारी किया गया है। इससे परिवार को बेटी की उच्च शिक्षा और भविष्य की जरूरतों को पूरा करने का भरोसा मिला है।
सेवा संकल्प अभियान-2026 के तहत सामने आई यह कहानी बताती है कि सरकारी योजनाएं आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बेटियों के भविष्य की तैयारी में मदद कर रही हैं।
बेटी को पढ़ाकर आत्मनिर्भर बनाना चाहती हैं मानती
मानती राजवाड़े का सपना है कि उनकी बेटी आंचल अच्छी शिक्षा प्राप्त करे और अपने पैरों पर खड़ी हो। हालांकि, सीमित आर्थिक संसाधनों के कारण उन्हें बेटी की पढ़ाई और भविष्य में होने वाले खर्चों की चिंता रहती थी।
योजना के तहत एक लाख रुपए का बॉन्ड मिलने से उन्हें राहत मिली है। अब उन्हें उम्मीद है कि निर्धारित शर्तों के अनुसार 18 वर्ष की आयु पूरी होने पर मिलने वाली राशि आंचल की आगे की पढ़ाई और अन्य जरूरतों में काम आएगी।
आर्थिक सुरक्षा से बढ़ा भरोसा
मानती के लिए यह बॉन्ड केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि बेटी के उज्ज्वल भविष्य की उम्मीद भी है। उनका कहना है कि बच्चों की उच्च शिक्षा पर होने वाला खर्च परिवारों के लिए बड़ी जिम्मेदारी है। ऐसे में बेटी के नाम पर आर्थिक सहायता की व्यवस्था भविष्य की योजना बनाने में मददगार होगी।
नोनी सुरक्षा योजना का उद्देश्य पात्र बालिकाओं को निर्धारित प्रावधानों के तहत आर्थिक सुरक्षा उपलब्ध कराना है। आंचल को मिले लाभ से परिवार को उसकी शिक्षा और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का भरोसा मिला है।
योजना का लाभ मिलने पर मानती राजवाड़े ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार जताया। उन्हें उम्मीद है कि आर्थिक संबल से आंचल अपने सपनों को पूरा कर सकेगी।





