नासिक। महाराष्ट्र के नासिक स्थित टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) कार्यालय में कथित यौन उत्पीड़न और जबरन धर्मांतरण मामले में जांच के दौरान नए खुलासे सामने आए हैं। पुलिस द्वारा अदालत में पेश की गई चार्जशीट के अनुसार, आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से पीड़ित महिलाओं को अपने प्रभाव में लेने और धार्मिक रूप से प्रभावित करने का प्रयास किया।
चार्जशीट में दर्ज एक पीड़िता के बयान के मुताबिक उसे बार-बार पाकिस्तानी इस्लामिक मौलवियों तारिंख जमीन और जाकिर नाइक के वीडियो दिखाए जाते थे। पीड़िता का आरोप है कि वीडियो दिखाने के साथ उसे इस्लाम धर्म के बारे में जानकारी दी जाती थी और धार्मिक मान्यताओं को बदलने के लिए प्रेरित किया जाता था।
पीड़िता ने पुलिस को बताया कि उससे कहा गया था कि वह भजन सुनना और मंदिर जाना बंद कर दे। साथ ही यह भी कहा गया कि अल्लाह सभी गुनाहों को माफ कर देंगे। चार्जशीट के अनुसार जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि क्या यह गतिविधियां किसी बड़े नेटवर्क या संगठित योजना का हिस्सा थीं।
गौरतलब है कि अप्रैल 2026 में टीसीएस की नौ महिला कर्मचारियों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में यौन उत्पीड़न, मानसिक प्रताड़ना और धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाए जाने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए थे। मामले की जांच के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अब तक आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और चार्जशीट में शामिल सभी तथ्यों की अदालत में सुनवाई होगी। वहीं आरोपियों को कानूनी प्रक्रिया के तहत अपना पक्ष रखने का अवसर भी मिलेगा। इस मामले ने कॉर्पोरेट कार्यस्थलों में महिलाओं की सुरक्षा और धार्मिक स्वतंत्रता को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
