दिल्ली। नेशनल हेराल्ड से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आज दिल्ली हाईकोर्ट में अहम सुनवाई होनी है। Enforcement Directorate (ED) ने ट्रायल कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें 16 दिसंबर 2025 को अदालत ने एजेंसी की चार्जशीट पर संज्ञान लेने से इनकार कर दिया था।
मामले की सुनवाई जस्टिस शर्मा की बेंच में होगी। इससे पहले हाईकोर्ट ने 22 दिसंबर को सोनिया गांधी, राहुल गांधी समेत अन्य आरोपियों को नोटिस जारी किया था।
ED का आरोप है कि गांधी परिवार और अन्य आरोपियों ने साजिश के तहत एसोसिएट जर्नल लिमिटेड की करीब 2000 करोड़ रुपए की संपत्तियों पर कब्जा किया। इसके लिए Young Indian कंपनी का इस्तेमाल किया गया, जिसमें गांधी परिवार की 76% हिस्सेदारी बताई गई है।
ट्रायल कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि ED ने जांच प्रक्रिया का पालन सही तरीके से नहीं किया। अदालत के अनुसार, एजेंसी ने पहले मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की और बाद में FIR दर्ज कराई, जबकि कानून के तहत पहले मूल अपराध की जांच जरूरी होती है। कोर्ट ने यह भी कहा कि बिना आधारभूत FIR के ‘प्रोसीड्स ऑफ क्राइम’ लागू नहीं हो सकते।
इस मामले में साल 2022 में भी ED ने सोनिया गांधी और राहुल गांधी से लंबी पूछताछ की थी। राहुल गांधी से पांच दिनों में करीब 50 घंटे और सोनिया गांधी से तीन दिनों में 12 घंटे तक सवाल-जवाब किए गए थे।
गौरतलब है कि यह मामला 2012 में भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी द्वारा दायर याचिका से जुड़ा है, जिसमें नेशनल हेराल्ड की संपत्तियों के कथित अवैध अधिग्रहण का आरोप लगाया गया था। अब हाईकोर्ट का फैसला इस केस की आगे की दिशा तय करेगा।
