नंदनवन को मिलेगा नया लुक, बॉटनिकल गार्डन में जुड़ेंगी आधुनिक सुविधाएं

रायपुर। रायपुर के अटारी स्थित प्रसिद्ध नंदनवन को अब नए और आधुनिक स्वरूप में विकसित किया जाएगा। छत्तीसगढ़ सरकार ने नंदनवन के पुनर्विकास की योजना तैयार की है। करीब 50 करोड़ रुपए की लागत वाली इस परियोजना को पीपीपी यानी सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल पर विकसित किया जाएगा। इससे यहां आने वाले स्थानीय और बाहरी पर्यटकों को आधुनिक सुविधाओं के साथ नए आकर्षण भी मिलेंगे।
मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रालय महानदी भवन में नंदनवन पुनर्विकास परियोजना को लेकर उच्च स्तरीय बैठक हुई। बैठक में प्रस्तावित परियोजना का प्रस्तुतिकरण किया गया, जिसे नंदनवन पीपीपी समिति ने अनुमोदित किया। इस दौरान नंदनवन के मौजूदा बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और इसे पर्यावरण एवं पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने पर चर्चा हुई।
बॉटनिकल गार्डन का होगा पुनर्विकास
पीपीपी मॉडल के तहत नंदनवन के बॉटनिकल गार्डन को नए सिरे से विकसित किया जाएगा। परियोजना में प्राकृतिक संतुलन और पर्यावरण संरक्षण का ध्यान रखते हुए परिसर को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। पर्यटकों के लिए बेहतर बुनियादी ढांचा, स्वच्छ सुविधाएं और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा।
बच्चों और परिवारों के लिए मनोरंजन के नए साधन और गतिविधियां भी विकसित की जाएंगी। इसके जरिए नंदनवन को ऐसा पर्यटन स्थल बनाने की योजना है, जहां प्रकृति के साथ मनोरंजन और आधुनिक सुविधाओं का अनुभव मिल सके।
राज्य सरकार प्राकृतिक संपदा के संरक्षण के साथ पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में काम कर रही है। नंदनवन का पुनर्विकास इसी कड़ी का हिस्सा है। परियोजना पूरी होने के बाद यहां पर्यटकों के अनुभव में सुधार आने के साथ रायपुर के पर्यटन स्थलों में एक और प्रमुख आकर्षण जुड़ने की उम्मीद है।
बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, पीसीसीएफ अरुण कुमार पांडेय, प्रमुख सचिव मनीष कुमार ठाकुर, नीति आयोग के सदस्य आशीष भट्ट सहित वित्त विभाग और अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।





