दिल्ली। देश में इस साल मानसून सामान्य से कमजोर रहने की संभावना जताई गई है। आईएमडी ने शुक्रवार को बताया कि 2026 के मानसून सीजन में देश में लगभग 78 सेंटीमीटर बारिश होने का अनुमान है, जबकि 1971 से 2020 के आंकड़ों के अनुसार औसत बारिश 87 सेंटीमीटर मानी जाती है। मौसम विभाग के अनुसार इस बार बारिश लॉन्ग पीरियड एवरेज (LPA) का करीब 90% रह सकती है। 2018 के बाद यह सबसे कमजोर मानसून माना जा रहा है।
IMD के डिप्टी डायरेक्टर जनरल डॉ. एम. मोहापात्रा ने बताया कि प्रशांत महासागर में सक्रिय अल-नीनो की स्थिति का असर भारतीय मानसून पर पड़ सकता है। इसके कारण कई हिस्सों में सामान्य से कम बारिश होने की आशंका है। हालांकि मौसम विभाग ने यह भी कहा कि क्षेत्रीय स्तर पर बारिश का वितरण अलग-अलग हो सकता है।
इधर, मानसून से पहले ही देश के कई राज्यों में मौसम का मिजाज बदल गया है। उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान समेत 15 से ज्यादा राज्यों में प्री-मानसून बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया गया है। राजस्थान के श्रीगंगानगर में नौतपा के बीच ओलावृष्टि हुई, हालांकि तापमान 47.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
उत्तर प्रदेश में शुक्रवार सुबह लखनऊ, प्रयागराज, झांसी और चंदौली समेत कई जिलों में तेज बारिश और आंधी चली। कई जगहों पर 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। हमीरपुर में तेज तूफान के कारण निर्माणाधीन पुल गिर गया, जिसमें 6 लोगों की मौत हो गई। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक कई राज्यों में तेज बारिश, बिजली गिरने और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है।
