दिल्ली। देशभर में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है और कई राज्यों में भारी बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
गुजरात के सूरत में पिछले 36 घंटों में करीब 18 इंच बारिश दर्ज की गई, जिससे शहर के कई हिस्सों में बाढ़ जैसे हालात बन गए। सड़कों पर पानी भरने से वाहन बह गए और करीब 2100 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।
प्रशासन ने सूरत और नवसारी में स्कूल, कॉलेज तथा आंगनवाड़ी केंद्र बंद रखने का फैसला किया है और लोगों से बिना जरूरी काम घर से बाहर न निकलने की अपील की है।
हरियाणा के गुरुग्राम में भी मूसलाधार बारिश के कारण कई इलाकों में दो-दो फीट तक पानी भर गया। दिल्ली-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-48) का एक हिस्सा धंसने से लगभग 10 किलोमीटर लंबा जाम लग गया।
जलभराव के कारण एक स्कूल बस भी नाले में फंस गई। स्थिति को देखते हुए गुरुग्राम पुलिस ने निजी कंपनियों से कर्मचारियों को कुछ दिनों तक वर्क फ्रॉम होम की सुविधा देने की अपील की है।
मध्य प्रदेश के जबलपुर में लगातार बारिश के बीच मंगलवार शाम पांच मंजिला इमारत ढह गई। वहीं राजस्थान के जालोर में नदी पार करते समय एक जीप पलट गई और चित्तौड़गढ़ में आकाशीय बिजली गिरने से एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई।
अरुणाचल प्रदेश में बाढ़ और भूस्खलन से 26 जिलों के 94 हजार से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। अब तक चार लोगों की मौत, 21 के घायल होने और दो महिलाओं के लापता होने की सूचना है। कर्नाटक के बेलगावी और शिवमोग्गा में भी एहतियातन स्कूल और आंगनवाड़ी बंद रखे गए हैं।
मौसम विभाग के अनुसार मानसून देश के लगभग 95 प्रतिशत हिस्से को कवर कर चुका है। अगले कुछ दिनों तक कई राज्यों में भारी से अति भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने और मौसम संबंधी सलाह का पालन करने की अपील की है।
