देश में मानसून का कहर: यूपी के 16 जिले बाढ़ की चपेट में हिमाचल में लैंडस्लाइड से रेल सेवा प्रभावित

दिल्ली। देशभर में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। उत्तर भारत के कई राज्यों में लगातार हो रही बारिश से बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। उत्तर प्रदेश, बिहार और हिमाचल प्रदेश सबसे ज्यादा प्रभावित राज्यों में शामिल हैं। कई इलाकों में जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। नदियों का जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में पानी भर गया है, जबकि पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन के कारण सड़क और रेल यातायात प्रभावित हुआ है।

उत्तर प्रदेश के 16 जिलों में बाढ़ का असर देखा जा रहा है। 80 से अधिक गांव जलभराव की चपेट में हैं। उन्नाव जिले में हालात सबसे ज्यादा गंभीर बताए जा रहे हैं। यहां कई कॉलोनियों और रिहायशी इलाकों में पानी भर गया है। कई परिवारों को घरों की छतों पर शरण लेनी पड़ी है। कुछ इलाकों में लोगों की आवाजाही के लिए नावों का सहारा लिया जा रहा है।

कानपुर में गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। वहीं, वाराणसी में गंगा का जलस्तर बढ़ने से घाटों के किनारे बने 100 से ज्यादा छोटे मंदिर पानी में डूब गए हैं। प्रशासन ने लोगों को नदी के किनारे जाने से बचने की सलाह दी है।

बिहार में बुधवार शाम हुई बारिश ने लोगों को उमस से राहत तो दिलाई, लेकिन कई शहरों में जलभराव की समस्या भी पैदा कर दी। छपरा में केवल 45 मिनट की बारिश के बाद कई इलाकों में डेढ़ से ढाई फीट तक पानी भर गया। इससे करीब 100 दुकानों में पानी घुस गया और व्यापारियों को नुकसान उठाना पड़ा। मौसम विभाग ने राज्य के 18 जिलों में आंधी और बारिश की संभावना जताई है।

हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के कारण कई जगह भूस्खलन हुआ है। कांगड़ा जिले में पठानकोट-बैजनाथ पपरोला रेलखंड पर चट्टानें गिरने से रेल सेवाएं प्रभावित हो गई हैं। चार ट्रेनों का संचालन अगले आदेश तक रद्द कर दिया गया है। वहीं, सोलन के वकनाघाट में चंडीगढ़-शिमला राष्ट्रीय राजमार्ग पर घने कोहरे के कारण वाहनों की रफ्तार धीमी हो गई।

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