चमोली। उत्तराखंड के चमोली जिले में निर्माणाधीन टनल में हुए हादसे ने पूरे देश को झकझोर दिया है। पीपलकोटी के मायापुर क्षेत्र में गुरुवार शाम हुए हादसे में अब तक 7 मजदूरों की मौत हो चुकी है, जबकि 3 मजदूर अभी भी सुरंग के अंदर फंसे हुए हैं। उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने के लिए पिछले 16 घंटे से बचाव अभियान लगातार जारी है।
अधिकारियों के मुताबिक, हादसा गुरुवार शाम करीब 7 बजे हुआ। टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में अचानक पानी का रिसाव शुरू हो गया। इसके कुछ ही देर बाद भू-स्खलन होने से भारी मात्रा में मलबा सुरंग के भीतर भर गया और वहां काम कर रहे मजदूर फंस गए।
हादसे के समय टनल के अंदर कुल 22 मजदूर मौजूद थे। अब तक 12 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, जबकि 7 मजदूरों के शव बरामद किए जा चुके हैं। राहत और बचाव कार्य में जुटी टीमों का कहना है कि टनल के भीतर अब भी 3 मजदूर फंसे हुए हैं और उन्हें बाहर निकालने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।
घायलों का इलाज गोपेश्वर जिला अस्पताल में चल रहा है। अस्पताल में भर्ती 12 घायलों में झारखंड के 6, छत्तीसगढ़ के 2 और पंजाब, हिमाचल प्रदेश, बिहार तथा पश्चिम बंगाल के एक-एक मजदूर शामिल हैं। वहीं, मृतकों में उत्तर प्रदेश के 3, उत्तराखंड के 2 और छत्तीसगढ़ के 2 मजदूर शामिल हैं।
टनल के अंदर लगातार पानी भरने और मलबा जमा होने से बचाव कार्य में काफी परेशानी आ रही है। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आईटीबीपी, सेना और जिला प्रशासन की संयुक्त टीमें राहत अभियान में जुटी हुई हैं।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने टनल के अंदर जाकर बचाव अभियान का जायजा लिया और अधिकारियों से स्थिति की जानकारी ली। इसके बाद मुख्यमंत्री गोपेश्वर जिला अस्पताल पहुंचे और वहां भर्ती घायलों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना।
प्रशासन का कहना है कि फंसे हुए मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालना फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता है और राहत अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक सभी मजदूरों को बाहर नहीं निकाल लिया जाता।
