कोलकाता। पश्चिम बंगाल की सियासत में बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बागी लोकसभा सांसदों ने पार्टी से अलग होकर नया राजनीतिक रास्ता चुनने का ऐलान किया है। बागी गुट की नेता काकोली घोष दस्तीदार ने कहा कि TMC के 20 लोकसभा सांसद अब नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी (NCP) में विलय करेंगे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को समर्थन देंगे।
रविवार को TMC के बागी सांसद दिल्ली पहुंचे। काकोली घोष दस्तीदार समेत 17 सांसदों ने बंगाल भाजपा प्रभारी भूपेंद्र यादव से मुलाकात की। इसके बाद सभी सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से भी मुलाकात की और अलग गुट की जानकारी दी। बागी सांसदों का दावा है कि उनके साथ TMC के कुल लोकसभा सांसदों के दो-तिहाई से अधिक सदस्य हैं, इसलिए संविधान के तहत उनका विलय मान्य है।
काकोली घोष ने कहा कि यह कदम पार्टी और जनता के हित को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। उन्होंने दावा किया कि अब यह गुट केंद्र सरकार के साथ मिलकर विकास के मुद्दों पर काम करेगा। वहीं सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय ने कहा कि असली TMC कौन है, इसका फैसला अब अदालत और संवैधानिक संस्थाएं करेंगी। उन्होंने TMC के चुनाव चिन्ह ‘जुड़वा फूल’ पर भी दावा करने की बात कही है।
बागी गुट में बारासात से काकोली घोष दस्तीदार, बहरामपुर से यूसुफ पठान, जादवपुर से सायोनी घोष, कोलकाता दक्षिण से माला रॉय, बीरभूम से शताब्दी रॉय समेत कई बड़े नाम शामिल हैं। गुट का दावा है कि लोकसभा के 28 TMC सांसदों में से 20 उनके साथ हैं।
इस घटनाक्रम के बाद TMC नेतृत्व में हलचल बढ़ गई है। पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी के सामने संगठन और विधायकों को एकजुट रखने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। बागी सांसदों के कदम को लेकर आगे कानूनी और राजनीतिक लड़ाई तेज होने की संभावना है। दल-बदल कानून के तहत अंतिम फैसला लोकसभा अध्यक्ष और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगा।
