जांजगीर-चांपा

Janjgir-Champa: कोरोना का ग्रहण, त्यौहारों की रौनक हुई फीकी, मूर्तिकारों से छीनी रोजी-रोटी

लाला उपाध्याय@जांजगीर-चांपा। (Janjgir-Champa) कोरोना महामारी ने पूरे देश में अपना कहर बरपाया है। इसके चलते त्यौहारों पर भी ग्रहण लग चुका है। होली के तुरंत बाद  इस महामारी ने  इस वर्ष सारे उत्सव व त्यौहारों पर जमकर प्रभाव डाला है।

(Janjgir-Champa) गणेश उत्सव पर भी महामारी की पूरी मार पड़ी थी। मूर्तिकारों से उनकी कमाई पर काफी असर पड़ा है। दीपावली तक 6 महीने तक मूर्ति निर्माण कार्य में अपना समय देते थे। लेकिन इस बार मुश्किल से एक  महीना ही काम चला है। जिससे उनकी आर्थिक स्थिति खराब हो गई है। (Janjgir-Champa) इस बार 60 से 70 फीसदी का नुकसान उनको झेलना पड़ रहा है जिससे उनको परिवार चलाना मुश्किल हो गया हैं।

दुर्गा पूजा पर भी पड़ा असर

इस बार कोरोना के कारण दुर्गा पूजा में भी असर पड़ने जा रहा है।. मूर्तिकार दुर्गेश साहू का कहना है कि पहले जब गणेश, विश्वकर्मा  ,दुर्गा पूजा हुआ करता था तो वक्त नहीं मिलता था कि हम बैठकर सही से खाना खा नहीं पाते थे लेकिन इस बार अब तक   जांजगीर जिले में करीब 50 से ज्यादा छोटी-बड़ी पंडाल का निर्माण किया जाता था। लेकिन इस बार पंडाल की बात तो दूर लोग पूजा भी नहीं कर रहे हैं।

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8 से 10 हजार का खर्च एक मूर्ति बनाने में

हांलाकि एक मूर्ति बनाने में 8 हजार  से 10 हजार रुपए का खर्च होता है लेकिन इन मूर्तिकार का परिवार कैसे चलेगा। इसको सोच कर काफी मूर्तिकार परेशान है।  मां दुर्गा के प्रतिमा का भी अब तक आर्डर नहीं  पहले मां दुर्गा के प्रतिमा का आर्डर मिलता था लेकिन इस बार अब तक किसी पूजा पंडाल वालों ने ऑर्डर नहीं दी।. अब तो भगवान ही मालिक है। दो वक्त की रोटी कैसे मिले इसको लेकर अब मूर्तिकार भी परेशान हैं।

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