जांजगीर-चांपा

Janjgir-champa:  चुनाव में विकास का लॉलीपॉप, मगर तस्वीर जस की तस, आखिर कब सुधरेंगी सड़क, पूछ रहे ग्रामीण

लाला उपाध्याय@चन्द्रपुर. (Janjgir-champa) गांव में की पहुंच मार्ग की  हालत खराब सरकार द्वारा गांव में चौमुखी

विकास करने की बात कहती है.

परंतु जब गांव की सड़क गली मोहल्ले की सड़कें खराब हो तो विकास कैसे होगी.

जबकि सरकार  गांवों एवं शहरों में  चमचमाती पक्की सड़क  बनाने की  बात कहती है.

(Janjgir-champa) परंतु यहां सब उल्टा साबित हो रहा है।

हम बता दें कि जिले के चंद्रपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत ब्लॉक डभरा क्षेत्र के ग्राम कटेकोनी बड़े के आश्रित मोहल्ला

कर्राखाई की है.

बुनियादी सुविधाओं का अभाव है.

(Janjgir-champa)यहां की जनसंख्या  400 के करीब है.

इस  मोहल्ले में आंगनबाड़ी केंद्र भवन स्वीकृति नहीं किया गया है.

जिस कारण यहां आंगनबाड़ी केंद्र संचालित नहीं है  बच्चे वंचित हो रहे हैं.

प्रायमरी स्कूल भवन जर्जर हो चुका है.

नौनिहाल जर्जर भवन में पढ़ाई करते हैं.

वही मोहल्ले में बारिश के दिनों में बिजली एवं पानी की समस्या हमेशा बनी रहती है .

मिडिल की पढ़ाई करने  नौनिहाल  ग्राम कटेकोनी के बस्ती आते हैं.

क्योंकि  सड़क पर चल कर दो किलोमीटर पैदल चलकर गांव की बस्ती में नहीं आ सकते हैं.

बरसों से पक्की सड़क को तरस रहे ग्रामीण

आज बरसों से पक्की सड़क के लिए गांव तरस रहा है.

गांव से 2 किलोमीटर दूरी पर कर्राखाई मोहल्ला है.

कीचड़ होने के कारण ग्राम पंचायत मुख्यालय राशन लेने आने में परेशानी होती है.

आजादी के इतने साल बाद भी  ग्रामीण  कीचड़   पहुंच मार्ग पर चलने को विवश है.

मोहल्ले तक  ग्रामीण सड़क पहुंच मार्ग की हालत जर्जर है।

जबकि चंद्रपुर विधानसभा क्षेत्र  को जोड़ने वाली प्रमुख सड़को की हालत भी दयनीय हो चुका है

बेमौसम बारिश से सड़क पहुंच मार्ग कीचड़ से सरावोर  होता है.

आम नागरिकों का सड़क पर चलना मुश्किल है.

इसके बाद भी  70 बरसों से  गांव को पक्की सड़क नसीब नहीं हो रही है.

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इस मार्ग पर राहगीरों को पैदल चलना भी मुश्किल हो रहा है.

पहुंच मार्ग के जगह जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो चुके हैं.

जिस कारण गड्ढे में पानी भर जाता है और कीचड़ से सराबोर है जो जानलेवा साबित हो रहा है.

यह पहुंच मार्ग इतना दयनीय हो चुका है कि सड़के कई जगहों पर   गड्ढे बन चुके हैं.

पैदल चलना भी इस रास्ते में दुर्भर

पैदल चलना भी इस रास्ते में दुर्भर हो चुका है.

सड़क पर लोग जान जोखिम में डालकर पैदल चलते हैं.

सड़क मार्ग खराब होने एवं कीचड़ होने से खासकर स्कूली छात्र छात्राओं को विद्यालय आने जाने में भारी परेशानी होती है.

सड़क में कीचड़ होने के कारण साइकिल से चलना भी मुश्किल है.

कई बार ग्रामवासी एवं ग्रामीणों द्वारा चक्का जाम एवं कई बार आंदोलन कर चुके हैं.

इसके बाद भी लोक निर्माण विभाग के आला अफसरों द्वारा सड़क मरम्मत एवं डामरीकरण करने पर ध्यान नहीं दिया

जा रहा है.

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जबकि ग्रामीणों द्वारा कई बार डामरीकरण कराने की मांग कर चुके हैं.

दिनों दिन सड़क मार्ग की हालत बद से बदतर होते जा रही है.

पहुँच मार्ग खराब होने से  सीरियस  मरीजों व गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचाने में  घंटों लग जाती हैं.

क्योंकि बारिश के दिनों में कीचड़ होने के कारण 108 एंबुलेंस महतारी एक्सप्रेस अन्य सरकारी वाहन मरीजों को लेने मोहल्ले तक नहीं पहुंच पाती है.

जिस कारण ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है.

दोपहिया वाहनों में परिवार वाले छोटे-छोटे बच्चों को लेकर आने से

कभी भी दुर्घटना होने की संभावना बनी रहती है.

कई बार हो चुके हैं हादसे

इस कच्चे सड़क मार्ग पर कई हादसे हो चुके हैं.

इसके बाद भी शासन प्रशासन उदासीन है.

विधानसभा लोकसभा चुनाव के समय प्रत्याशी वोट मांगने  घर घर जाते हैं.

सड़क बनाने की वायदे करते है.

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चुनाव जीतने के बाद गांव आने ही भूल जाते हैं.

जबकि ग्रामीणों द्वारा इस समस्या के बारे में कई बार क्षेत्रीय विधायक सांसद एवं जिला कलेक्टर एवं स्थानीय

पंचायत को भी अवगत करा चुके हैं.

इसके बाद भी समस्याएं जस की तस बनी हुई है।

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