रायपुर। प्रदेशभर में शनिवार को ईद-उल-अजहा यानी बकरीद का त्योहार श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। राजधानी रायपुर की बड़ी ईदगाह समेत विभिन्न जिलों की मस्जिदों और ईदगाहों में मुस्लिम समाज के लोगों ने नमाज अदा की और एक-दूसरे को गले मिलकर बकरीद की मुबारकबाद दी। रायगढ़ के घड़ी चौक स्थित कदमी ईदगाह में भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे।
त्योहार को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण तरीके से मनाने के लिए छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड ने सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। बोर्ड ने खुले स्थानों, सड़कों और सार्वजनिक जगहों पर कुर्बानी पर पूरी तरह रोक लगाई है। निर्देशों के मुताबिक कुर्बानी केवल अधिकृत स्लॉटर हाउस या निजी परिसरों में ही की जा सकेगी। इसके अलावा डीजे और तेज आवाज में साउंड सिस्टम बजाने पर भी सख्ती बरती जा रही है।
वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष सलीम राज ने कहा कि पिछले वर्ष से नमाज शिफ्ट में अदा की जा रही है और सभी लोग नियमों का पालन कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर 50 हजार रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। पुलिस और नगर निगम की संयुक्त टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं।
वहीं रायगढ़ में बकरीद को लेकर बकरों की जमकर खरीदारी हुई। यहां एक से डेढ़ लाख रुपए तक के खास नस्ल के बकरे खरीदे गए हैं। पंजाब से बीटल नस्ल के बकरे मंगाए गए, जबकि ओडिशा और आसपास के जिलों से भी बड़ी संख्या में बकरे पहुंचे।
स्थानीय लोगों के अनुसार इस बार 20 से 30 हजार रुपए तक के बकरों की भी खूब बिक्री हुई। त्योहार को लेकर बाजारों और मुस्लिम बहुल इलाकों में रौनक देखने को मिली।
