मुंबई। बकरीद के अवसर पर गुरुवार 28 मई को भारतीय शेयर बाजार बंद रहा। BSE Sensex और NIFTY 50 में आज कारोबार नहीं हुआ। वहीं कमोडिटी मार्केट में भी दोपहर तक कामकाज बंद रहा और शाम 5 बजे से ट्रेडिंग शुरू होने की जानकारी दी गई।
एक दिन पहले बुधवार को सेंसेक्स 142 अंकों की गिरावट के साथ 75,868 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 7 अंक टूटकर 23,907 के स्तर पर बंद हुआ। बैंकिंग सेक्टर के शेयरों में दबाव देखने को मिला।
एशियाई बाजारों में गुरुवार को भारी गिरावट दर्ज की गई। KOSPI में 3 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आई। जापान का निक्केई और हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स भी कमजोर कारोबार करते नजर आए। निवेशकों में वैश्विक आर्थिक हालात और बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव को लेकर चिंता देखी जा रही है।
हालांकि अमेरिकी बाजार बुधवार को बढ़त के साथ बंद हुए। डाउ जोंस, नैस्डैक और एसएंडपी 500 में मामूली तेजी दर्ज की गई। इसके बावजूद विदेशी निवेशकों की बिकवाली भारतीय बाजार के लिए चिंता का कारण बनी हुई है। आंकड़ों के मुताबिक विदेशी संस्थागत निवेशकों ने पिछले 30 दिनों में करीब 45 हजार करोड़ रुपए के शेयर बेचे हैं।
इस बीच अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर कच्चे तेल की कीमतों पर भी दिखा। ब्रेंट क्रूड ऑयल करीब 4 प्रतिशत महंगा होकर 98 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया।
विशेषज्ञों के अनुसार भारत अपनी जरूरत का अधिकांश कच्चा तेल आयात करता है। ऐसे में तेल महंगा होने से कंपनियों की लागत बढ़ती है, महंगाई पर असर पड़ता है और निवेशकों की चिंता बढ़ने लगती है। यही वजह है कि कच्चे तेल की कीमतों में उछाल का असर शेयर बाजार पर भी दिखाई देता है।
