रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी के बीच जल संकट से जूझ रहे ग्रामीण इलाकों को बड़ी राहत मिली है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप जल संसाधन विभाग ने सूखते तालाबों को बचाने के लिए विशेष अभियान शुरू किया है। इसके तहत प्रदेशभर में अब तक 4 हजार 755 तालाबों में नहरों के जरिए पानी भरकर उन्हें फिर से लबालब किया गया है।
गर्मी के चलते राज्य में भू-जल स्तर तेजी से नीचे जा रहा है और गांवों के तालाब सूखने लगे थे। ऐसे में लोगों और पशुओं के सामने पानी का संकट खड़ा हो गया था। स्थिति को देखते हुए जल संसाधन विभाग ने सिंचाई परियोजनाओं की नहरों से तालाबों तक पानी पहुंचाने का अभियान तेज किया। विभाग का कहना है कि जरूरत के मुताबिक बाकी तालाबों में भी लगातार पानी छोड़ा जा रहा है।
आंकड़ों के मुताबिक रायपुर जिले में निस्तारी के लिए चिन्हित 783 तालाबों में से 663 तालाबों को अब तक पानी से भर दिया गया है। वहीं बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के 586 में से 504 तालाब और धमतरी जिले के 508 में से 329 तालाबों में जलभराव किया जा चुका है। इसके अलावा प्रदेश के अन्य जिलों में भी तेजी से काम चल रहा है।
जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के अनुसार यह पहल केवल तालाब भरने तक सीमित नहीं है, बल्कि जल संरक्षण और भू-जल रिचार्ज की दिशा में भी अहम कदम साबित हो रही है। नहरों से छोड़ा गया पानी धीरे-धीरे जमीन में रिसता है, जिससे आसपास के कुएं और हैंडपंप लंबे समय तक जलयुक्त बने रहते हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में तालाबों के भरने से लोगों को निस्तारी और पेयजल की समस्या से राहत मिली है। साथ ही इससे जल संरक्षण को लेकर जागरूकता भी बढ़ रही है। विभाग का मानना है कि यह अभियान आने वाले समय में जल संकट से निपटने में बेहद कारगर साबित होगा।
