दुर्ग। दुर्ग जिले में शासन की योजनाओं और जनसमस्याओं के निराकरण को लेकर मंगलवार को समीक्षा बैठक आयोजित की गई। प्रमुख सचिव एवं दुर्ग जिले के प्रभारी सचिव सोनमणि बोरा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सुशासन तिहार के तहत प्राप्त आवेदनों का गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ गुणवत्तापूर्ण निराकरण किया जाए। उन्होंने कहा कि आम जनता को विभागीय सेवाओं का त्वरित लाभ मिलना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
लोक निर्माण विभाग कार्यालय में आयोजित बैठक में कलेक्टर अभिजीत सिंह और एसएसपी विजय अग्रवाल समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में प्रभारी सचिव ने कहा कि दुर्ग सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक और प्रशासनिक दृष्टि से प्रदेश का महत्वपूर्ण जिला है। इसे बेहतर विभागीय समन्वय के जरिए मॉडल जिले के रूप में विकसित किया जाना चाहिए।
बैठक में गर्मी के मौसम को देखते हुए शुद्ध पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने, जरूरत पड़ने पर टैंकरों से जलापूर्ति कराने और बारिश से पहले नालों की सफाई कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही पीएम आवास योजना के लंबित निर्माण कार्यों को तेजी से पूरा करने और हितग्राहियों को प्रेरित करने पर जोर दिया गया।
मनरेगा की समीक्षा में अधिकारियों ने बताया कि 14 जनवरी 2026 से लंबित 30 करोड़ 83 लाख रुपए की मजदूरी राशि स्वीकृत हो चुकी है और भुगतान शुरू कर दिया गया है। प्रभारी सचिव ने जनपद पंचायतों और रोजगार सहायकों को श्रमिकों तक इसकी जानकारी पहुंचाने के निर्देश दिए।
बैठक में “लखपति दीदी” योजना, स्वास्थ्य सेवाओं, छात्रावासों की मरम्मत और स्कूलों के आसपास नशीले पदार्थों की बिक्री रोकने जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई। कृषि विभाग को खरीफ सीजन के लिए पर्याप्त खाद-बीज उपलब्ध कराने और कालाबाजारी करने वालों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए। वहीं वन विभाग ने किसान वृक्ष मित्र योजना के तहत जिले में 1.46 लाख पौधरोपण का लक्ष्य तय होने की जानकारी दी।
