बारिश-बाढ़ का कहर: महाराष्ट्र में 3 हजार LPG सिलेंडर नदी में बहे, MP में युवक डूबा; उत्तराखंड में लैंडस्लाइड से मकान ढहा

दिल्ली। देशभर में मानसून अब आफत बनकर बरस रहा है। महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान और दिल्ली समेत कई राज्यों में लगातार बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

कई जगह बाढ़, लैंडस्लाइड और जलभराव की घटनाएं सामने आई हैं, जबकि रेलवे और सड़क यातायात भी प्रभावित हुआ है।

महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में भारी बारिश के बाद पातालगंगा नदी में आई बाढ़ से एक एलपीजी बॉटलिंग प्लांट में पानी घुस गया। इसके चलते करीब 3 हजार एलपीजी सिलेंडर नदी में बह गए।

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि यदि कहीं सिलेंडर दिखाई दें तो उन्हें हाथ न लगाएं और तुरंत पुलिस या प्रशासन को सूचना दें। वहीं पुणे में कचरे का पहाड़ तीन मंजिला इमारत पर गिरने के बाद राहत एवं बचाव कार्य जारी है। अब तक नौ लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है।

मध्य प्रदेश में बुधवार को 27 से अधिक जिलों में बारिश हुई। दमोह में सबसे ज्यादा 1.75 इंच वर्षा रिकॉर्ड की गई। खरगोन जिले में रूपारेल नदी के तेज बहाव में एक युवक बह गया, जिसकी तलाश के लिए रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है।

उत्तराखंड में लगातार बारिश के कारण हालात गंभीर बने हुए हैं। उत्तरकाशी में यमुनोत्री और गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर भूस्खलन हुआ, जिससे यातायात प्रभावित हो गया।

टिहरी जिले में नेशनल हाईवे-707A पर लैंडस्लाइड के दौरान एक मकान ढह गया, जबकि आसपास के अन्य मकानों पर भी खतरा मंडरा रहा है। राज्य में 71 सड़कें बंद हैं और देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल, ऊधम सिंह नगर तथा अल्मोड़ा में स्कूलों की छुट्टी घोषित कर दी गई है।

राजस्थान के अजमेर जिले के किशनगढ़ में बारिश के कारण एक मकान ढह गया, जिसमें पति-पत्नी समेत तीन लोग मलबे में दब गए। सभी को सुरक्षित निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

दिल्ली-एनसीआर में भी गुरुवार सुबह से तेज बारिश जारी है। रेलवे स्टेशन, मुनिरका, संगम विहार और कई इलाकों में जलभराव से यातायात प्रभावित हुआ।

मौसम विभाग ने राजधानी के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। वहीं कई राज्यों में अगले दो दिनों तक भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन की चेतावनी जारी की गई है।

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