सुकमा। छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के ग्राम पंचायत सिलगेर, विकासखंड कोन्टा के निवासी श्री माड़वी कोसा के जीवन में एक बड़ा बदलाव आया है। जो परिवार कभी जर्जर कच्ची झोपड़ी में कठिन परिस्थितियों में जीवन यापन करता था, आज उसी परिवार के पास एक सुरक्षित और पक्का घर है। यह परिवर्तन शासकीय योजनाओं और उनकी मेहनत का परिणाम है।
प्रधानमंत्री आवास योजना–ग्रामीण और नियद नेल्लानार योजना के संयुक्त प्रयासों से माड़वी कोसा का वर्षों पुराना सपना पूरा हुआ। इस बदलाव में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका रूरल मेसन ट्रेनिंग की रही, जिसके तहत उन्होंने घर निर्माण की तकनीक सीखी। यह प्रशिक्षण मेरापथ एजुकेशन प्राइवेट लिमिटेड द्वारा ग्राम स्तर पर दिया गया था। प्रशिक्षण के बाद उन्होंने आत्मविश्वास के साथ अपने ही हाथों से अपने घर का निर्माण किया।
वित्तीय वर्ष 2024–25 में उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 1.20 लाख रुपए की स्वीकृति मिली। इसके साथ ही मनरेगा के माध्यम से 95 मानव दिवस का रोजगार और 23,085 रुपए की मजदूरी सहायता दी गई, जिससे निर्माण कार्य में तेजी आई। इसके अलावा स्वच्छ भारत मिशन के तहत 12,000 रुपए से शौचालय का निर्माण किया गया, वहीं सोलर पैनल से रोशनी और नल-जल योजना से स्वच्छ पेयजल की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अपने प्रवास के दौरान माड़वी कोसा से मुलाकात कर उन्हें साल-श्रीफल और उनके नए घर की सांकेतिक चाबी भेंट की। इस अवसर पर उन्होंने इस पहल को आत्मनिर्भरता का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।
जिला प्रशासन ने भी इस मॉडल की सराहना की है। कलेक्टर श्री अमित कुमार ने इसे प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि योजनाओं का सही क्रियान्वयन और कौशल विकास मिलकर जीवन बदल सकते हैं। आज माड़वी कोसा का घर संघर्ष से सफलता की एक प्रेरक कहानी बन गया है।
