खाद-डीजल संकट पर किसानों का फूटा गुस्सा: आरंग में मंत्री कार्यालय का घेराव, खेती प्रभावित होने का आरोप

रायपुर। रायपुर जिले के आरंग में खाद और डीजल संकट को लेकर किसानों का गुस्सा बुधवार को सड़कों पर नजर आया। बड़ी संख्या में किसान एकजुट होकर क्षेत्रीय विधायक और कैबिनेट मंत्री के कार्यालय पहुंचे और जोरदार प्रदर्शन किया। किसानों ने शासन-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कार्यालय का घेराव किया। भीषण गर्मी के बावजूद किसान घंटों तक अपनी मांगों को लेकर डटे रहे।
प्रदर्शन कर रहे किसानों का कहना है कि खेती के सबसे महत्वपूर्ण समय में सहकारी समितियों में डीएपी, यूरिया और पोटाश खाद की भारी कमी बनी हुई है। खाद नहीं मिलने के कारण किसानों को बार-बार समितियों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। इससे बोवाई और खेती का काम प्रभावित हो रहा है।
किसानों ने डीजल संकट को लेकर भी नाराजगी जताई। उनका कहना है कि ट्रैक्टर और हार्वेस्टर के लिए डिब्बों में डीजल देने पर रोक लगाए जाने से खेतों में काम करना मुश्किल हो गया है। किसानों के मुताबिक अगर जल्द व्यवस्था नहीं सुधरी तो खेती पूरी तरह प्रभावित हो सकती है।
प्रदर्शन के दौरान किसान नेताओं ने सरकार पर किसानों की समस्याओं को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया। मंत्री की अनुपस्थिति में किसानों ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में प्रति एकड़ दो बोरी डीएपी, दो बोरी यूरिया और एक बोरी पोटाश उपलब्ध कराने की मांग की गई। साथ ही अगले दो महीने तक लगातार डीजल सप्लाई सुनिश्चित करने की भी मांग रखी गई।
किसानों ने ट्रैक्टर और हार्वेस्टर के लिए डिब्बे में डीजल नहीं देने के आदेश को वापस लेने और फसल बीमा योजना को ऐच्छिक करने की मांग भी उठाई। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो रायपुर में बड़ा आंदोलन किया जाएगा। प्रदर्शन को कांग्रेस और छत्तीसगढ़ क्रांति सेना का भी समर्थन मिला।





