शराब सिंडिकेट से जुड़े कारोबारियों के ठिकानों पर ED की रेड, सराफा दुकान में अफसर खंगाल रहे दस्तावेज

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित कथित शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। जांच एजेंसी ने रायपुर के मध्य नगरी चौक स्थित श्री राम ज्वेलर्स के संचालक विवेक अग्रवाल के ठिकानों पर छापेमारी की। टीम यहां वित्तीय दस्तावेजों और लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड की गहन जांच कर रही है।
सूत्रों के मुताबिक, इस कार्रवाई का मुख्य फोकस विवेक अग्रवाल के भाई विकास अग्रवाल उर्फ सुब्बू है, जिसे करीब 2000 करोड़ रुपए के इस कथित घोटाले का अहम संदिग्ध माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि विकास अग्रवाल फिलहाल दुबई में रहकर अपनी गतिविधियों का संचालन कर रहा है और एजेंसियों की नजर से दूर है। उसका नाम पहले भी इस अवैध शराब सिंडिकेट में सामने आ चुका है।
ED के अनुसार, वर्ष 2019 से 2022 के बीच राज्य में सक्रिय इस सिंडिकेट के जरिए बड़े स्तर पर अवैध कमाई की गई। जांच में यह भी सामने आया है कि इस नेटवर्क में कई प्रभावशाली लोगों की भूमिका रही है। एजेंसी ने पहले ही विकास अग्रवाल से जुड़ी संपत्तियों को अटैच किया है।
अब ED यह पता लगाने में जुटी है कि क्या इस घोटाले से अर्जित काले धन को श्री राम ज्वेलर्स या अन्य कारोबारी प्रतिष्ठानों के जरिए खपाया गया। छापेमारी के दौरान बैंक ट्रांजैक्शन, प्रॉपर्टी डील और निवेश से जुड़े अहम दस्तावेज जुटाए जा रहे हैं।
सूत्रों का कहना है कि इस जांच के बाद आने वाले दिनों में इस सिंडिकेट से जुड़े कई और बड़े नाम सामने आ सकते हैं। ED की यह कार्रवाई राज्य में आर्थिक अपराधों के खिलाफ सख्ती का संकेत मानी जा रही है।





