सांसद बृजमोहन अग्रवाल और स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया विवाद लोकसभा पहुंचा, विशेषाधिकार हनन का आरोप

रायपुर। रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल और छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया के बीच कथित फोन बातचीत का विवाद अब संसद तक पहुंच गया है।
भाजपा सांसद ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर स्वास्थ्य सचिव पर विशेषाधिकार हनन का आरोप लगाया है। उन्होंने मामले को विशेषाधिकार समिति के पास भेजने और कार्रवाई की मांग की है।
बृजमोहन अग्रवाल का आरोप है कि फोन पर बातचीत के दौरान अमित कटारिया ने उनके साथ कथित तौर पर अभद्र व्यवहार किया और कहा कि “जो करना है कर लो।” सांसद का कहना है कि यह एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि के सम्मान और अधिकारों का उल्लंघन है।
लोकसभा सचिवालय ने शिकायत पर संज्ञान लेते हुए कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय से मामले की तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी है। मंत्रालय से हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में रिपोर्ट देने को कहा गया है, ताकि इसे लोकसभा अध्यक्ष के समक्ष प्रस्तुत किया जा सके।
सांसद ने अपनी शिकायत में बताया है कि वे अपने संसदीय क्षेत्र और स्वास्थ्य विभाग से जुड़े जनहित के मुद्दों को लेकर लगातार स्वास्थ्य सचिव को पत्र और स्मरण पत्र भेज रहे थे, लेकिन कई महीनों तक उन्हें कोई जवाब नहीं मिला। उन्होंने इसे जनप्रतिनिधि के प्रति गैर-जिम्मेदाराना रवैया बताया।
शिकायत के अनुसार, 20 मई को सांसद ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली को लेकर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह से बात की थी। इसके बाद अमित कटारिया ने उन्हें फोन किया।
सांसद का दावा है कि लंबित मामलों पर चर्चा के दौरान स्वास्थ्य सचिव का व्यवहार कथित रूप से रूखा रहा और उन्होंने आपत्तिजनक टिप्पणी की।
इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी बृजमोहन अग्रवाल के समर्थन में सामने आए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि किसी भी निर्वाचित सांसद के साथ ऐसा व्यवहार लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर विषय है।
उन्होंने इसे सांसद के साथ-साथ उनके मतदाताओं का भी अपमान बताया। वहीं, स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया की ओर से इस मामले पर अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।





