बेंगलुरु में आज ‘कॉकरोच पार्टी’ का चप्पल प्रदर्शन: ध्रुव राठी और प्रकाश राज होंगे शामिल; दीपके बोले- सड़कें हमारी हैं

SIR और CEC ज्ञानेश कुमार के विरोध में फ्रीडम पार्क में प्रदर्शन; सुबह 10:30 बजे ‘पीपुल्स ट्रिब्यूनल’, वोटर लिस्ट से नाम हटने का दावा करने वालों से होगी बातचीत
बेंगलुरु। बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में गुरुवार को स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के विरोध में कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन होगा। प्रदर्शन में पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके के अलावा यूट्यूबर ध्रुव राठी और अभिनेता प्रकाश राज भी शामिल होंगे। ध्रुव राठी बेंगलुरु पहुंच चुके हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर कर प्रदर्शन में शामिल होने की जानकारी दी है।
प्रदर्शन से पहले सुबह 10:30 बजे ‘पीपुल्स ट्रिब्यूनल’ आयोजित किया जाएगा। इसमें उन स्थानीय लोगों से बातचीत की जाएगी, जिनका दावा है कि SIR की प्रक्रिया के दौरान गलत तरीके से वोटर लिस्ट से उनके नाम हटाए गए हैं।
दीपके बोले- सड़कें हमारी हैं
प्रदर्शन से पहले अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया पर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा कि सत्ता सरकार के पास हो सकती है, लेकिन सड़कें जनता की हैं। उन्होंने दावा किया कि यहीं से भारत के लोग लोकतंत्र वापस लेंगे।
दीपके ने एक अन्य पोस्ट में दावा किया कि 10 अक्टूबर के प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में लिया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विरोध की आवाज दबाने के लिए लोगों को जेल भेज रही है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
10 अक्टूबर को दिल्ली में प्रदर्शन
कॉकरोच जनता पार्टी 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर भी प्रदर्शन करेगी। दीपके पहले ही ऐलान कर चुके हैं कि अगर CEC ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते हैं तो देशभर से प्रदर्शनकारी दिल्ली पहुंचेंगे।
उन्होंने यह भी कहा था कि यदि पुलिस प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर तक पहुंचने से रोकती है तो जहां उन्हें रोका जाएगा, वहीं प्रदर्शन का स्थान बना दिया जाएगा।
SIR को लेकर चुनाव आयुक्तों की आपत्ति का दावा
द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में SIR से जुड़े चुनाव आयोग के फैसलों और आदेशों पर कम से कम 14 बार आपत्ति दर्ज की थी। रिपोर्ट के अनुसार, दोनों ने कुछ फैसलों को लेकर सवाल उठाए और कहा कि ये उनकी जानकारी या सिफारिश के बिना लिए गए।
रिपोर्ट में वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने-हटाने, Form-6, चुनावी डेटा और सॉफ्टवेयर तक पहुंच जैसे मुद्दों पर भी आपत्तियों का उल्लेख किया गया है।
SIR और CEC के खिलाफ 2 अक्टूबर से 7 अक्टूबर के बीच देश के अलग-अलग हिस्सों में कई प्रदर्शन हो चुके हैं। बेंगलुरु का प्रदर्शन इसी अभियान की अगली कड़ी माना जा रहा है।





