CM साय बोले- बस्तर में नक्सलवाद समाप्ति की ओर: अब विकास पर फोकस, शिक्षा-स्वास्थ्य से लेकर रोजगार तक पहुंचेंगी योजनाएं

रायपुर। दौरे से लौटने के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नक्सलवाद और बस्तर के भविष्य को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि बस्तर में करीब चार दशकों से चली आ रही नक्सल समस्या अब समाप्ति की ओर है। सरकार का अगला लक्ष्य नक्सलवाद से प्रभावित रहे क्षेत्रों में तेजी से विकास पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि अब बस्तर की पहचान नक्सल समस्या से नहीं, बल्कि विकास, पर्यटन और संभावनाओं के क्षेत्र के रूप में होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश में डबल इंजन की सरकार बनने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की दृढ़ इच्छाशक्ति और सुरक्षा बलों के जवानों के अदम्य साहस से बस्तर में बड़ा बदलाव आया है। जिस क्षेत्र में लंबे समय तक नक्सलवाद के कारण विकास कार्य प्रभावित रहे, वहां अब शांति और विश्वास का वातावरण तैयार हुआ है।
बस्तर को सबसे बेहतर आदिवासी संभाग बनाने का संकल्प
सीएम साय ने कहा कि नक्सलवाद के प्रभाव से मुक्त होने के बाद अब सरकार का पूरा ध्यान बस्तर के विकास पर रहेगा। उन्होंने बस्तर को देश का सबसे अच्छा आदिवासी संभाग बनाने का संकल्प दोहराया। सरकार की प्राथमिकता लोगों तक मूलभूत सुविधाएं तेजी से पहुंचाना है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, रोजगार और अन्य विकास कार्यों को गति दी जाएगी। लंबे समय से प्रभावित क्षेत्रों में नई ऊर्जा के साथ काम किया जाएगा, ताकि स्थानीय लोगों को बेहतर सुविधाएं और रोजगार के अवसर मिल सकें।
जवानों के साहस की सराहना
मुख्यमंत्री ने बस्तर में शांति स्थापित करने में सुरक्षा बलों के जवानों की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि जवानों के साहस और समर्पण से ही क्षेत्र में विश्वास का माहौल बना है। सरकार आदिवासी समाज के विकास और सम्मान के लिए लगातार काम कर रही है।
साय ने कहा कि बस्तर की संस्कृति, परंपरा और प्राकृतिक संसाधनों को ध्यान में रखकर विकास की योजनाएं तैयार की जाएंगी। पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार किए जाएंगे। सरकार का लक्ष्य बस्तर को देश के अग्रणी आदिवासी क्षेत्रों में शामिल करना है।





