क्लोरीन गैस लीक: 40 से ज्यादा लोग बीमार, खांसी और सांस लेने में दिक्कत; 4.5 घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन

नागपुर। महाराष्ट्र के नागपुर में देर रात वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट से क्लोरीन गैस लीक होने से हड़कंप मच गया। गोधनी इलाके में करीब रात 1 बजे 900 किलो क्षमता वाले सिलेंडर से क्लोरीन गैस का रिसाव शुरू हुआ। जहरीली गैस आसपास के रिहायशी इलाकों तक पहुंच गई, जिससे 40 से ज्यादा लोगों की तबीयत बिगड़ गई। कई लोगों ने खांसी और सांस लेने में परेशानी की शिकायत की। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
गैस रिसाव की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं। आसपास रहने वाले लोगों को एहतियात के तौर पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई। स्थिति को देखते हुए नगर निगम की फायर ब्रिगेड, ऑरेंज सिटी वाटर और NDRF की टीमों को भी मौके पर बुलाया गया।
अस्पतालों में भर्ती कराए गए लोग
गैस की चपेट में आए कई लोगों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। कुछ प्रभावित लोगों को स्पर्श अस्पताल और मेयो अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने गैस के संपर्क में आए लोगों की जांच शुरू की। प्रशासन की ओर से इलाके में स्थिति पर लगातार नजर रखी गई।
साढ़े चार घंटे चला ऑपरेशन
क्लोरीन गैस के रिसाव को नियंत्रित करने के लिए करीब साढ़े चार घंटे तक अभियान चलाया गया। रेस्क्यू टीमों ने बेहद सावधानी के साथ गैस लीक कर रहे सिलेंडर को बाहर निकाला। इसके बाद सिलेंडर को कास्टिक सोडा मिले पानी के टैंक में डुबो दिया गया।
अधिकारियों के मुताबिक, कास्टिक सोडा वाले पानी में सिलेंडर को डुबोने से क्लोरीन गैस को न्यूट्रलाइज करने में मदद मिली और रिसाव की तीव्रता धीरे-धीरे कम हो गई। इसके बाद आसपास के क्षेत्र में स्थिति नियंत्रण में आने लगी।
घटना के बाद प्रशासन ने प्लांट में गैस सिलेंडर की सुरक्षा व्यवस्था और रिसाव के कारणों की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल गैस रिसाव पर नियंत्रण पा लिया गया है और प्रभावित इलाके में निगरानी जारी है। अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की है।





