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TMC में बगावत के बाद बड़ा फैसला: अरूप रॉय बने नए अध्यक्ष, ममता बनर्जी से कहा- दीदी, मार्गदर्शन करती रहें

दिल्ली। पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के भीतर जारी सियासी उथल-पुथल के बीच बागी गुट ने बड़ा कदम उठाया है। पार्टी के भीतर नेतृत्व को लेकर बढ़े विवाद के बाद बागी विधायकों ने अरूप रॉय को टीएमसी का नया अध्यक्ष घोषित कर दिया है। साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से सक्रिय राजनीति से अलग होकर मार्गदर्शक की भूमिका निभाने की अपील की है।

सोमवार को आयोजित विशेष अधिवेशन में विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी ने नए संगठनात्मक ढांचे की घोषणा की। उन्होंने बताया कि प्रतिनिधियों के सर्वसम्मत समर्थन से अरूप रॉय को ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस का चेयरपर्सन चुना गया है। इसके साथ ही 30 सदस्यीय राष्ट्रीय कार्य समिति (NWC) का भी गठन किया गया है। आने वाले दिनों में जिला अध्यक्षों की नियुक्ति और जिला समितियों के गठन की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी।

ऋतब्रत बनर्जी ने कहा कि ममता बनर्जी के प्रति उनका सम्मान पहले की तरह बना हुआ है। उन्होंने कहा, “हम चाहते हैं कि दीदी पार्टी की मेंटर बनें और अपने अनुभव से हमारा मार्गदर्शन करें। हमने हमेशा उनकी भूमिका को लेकर अपना रुख स्पष्ट रखा है।”

गौरतलब है कि टीएमसी में यह संकट तब गहराया, जब पार्टी के 80 में से कम से कम 58 विधायकों ने नेतृत्व के खिलाफ मोर्चा खोल दिया और अलग गुट बना लिया। इसके बाद बागी विधायकों ने विधानसभा में विपक्ष के नेता के रूप में भी बदलाव का समर्थन किया और शोभनदेब चट्टोपाध्याय की जगह ऋतब्रत बनर्जी को नेता प्रतिपक्ष बनाए जाने का समर्थन किया।

नई जिम्मेदारी मिलने पर अरूप रॉय ने संक्षिप्त प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अब उनकी प्राथमिकता संगठन को मजबूत करना और आगे बढ़ाना होगी। वहीं टीएमसी विधायक सबीना यास्मीन ने कहा कि यह फैसला व्यापक चर्चा और सभी सदस्यों की सहमति से लिया गया है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि टीएमसी के भीतर यह घटनाक्रम पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा बदलाव ला सकता है। अब सभी की नजर ममता बनर्जी की अगली रणनीति और पार्टी में जारी इस संकट के संभावित प्रभाव पर टिकी हुई है।

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