टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग करने वाले 3 आरोपी गिरफ्तार, लॉरेंस गैंग से कनेक्शन का दावा

मुंबई पुलिस बोली- हत्या के इरादे से आए थे हमलावर; 10 दिन तक की रेकी, कोटा रेलवे स्टेशन से पकड़े गए
मुंबई। अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग करने के मामले में मुंबई पुलिस ने दावा किया है कि हमलावर उनकी हत्या करने के इरादे से पहुंचे थे। घटना के करीब 15 घंटे के भीतर राजस्थान के कोटा रेलवे स्टेशन से तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया। इनमें दो हरियाणा और एक बिहार का रहने वाला है। पुलिस के मुताबिक, हमले का कॉन्ट्रैक्ट लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े अनिल पंडित ने दिया था। हालांकि, इस दावे और सोशल मीडिया पर सामने आए जिम्मेदारी लेने वाले संदेशों की जांच की जा रही है।
पुलिस के अनुसार, रविवार शाम करीब 7 बजे टाइगर श्रॉफ की कार पर गोलियां चलाई गई थीं। इस घटना में टाइगर को गोली नहीं लगी, लेकिन बारूद और कांच के टुकड़ों से उनके बाएं हाथ में चोट आई। फायरिंग के दौरान उनके ड्राइवर को भी चोट लगी।
10 दिन तक की रेकी, सोशल मीडिया से जुटाई जानकारी
मुंबई पुलिस के सूत्रों के मुताबिक, संदिग्ध करीब 10 दिनों से टाइगर की गतिविधियों पर नजर रख रहे थे। उन्होंने उनके घर और जिम की रेकी की थी। पुलिस को आशंका है कि आरोपियों ने सोशल मीडिया पर पापराजी के वीडियो और ब्लॉगर्स के कंटेंट के जरिए भी अभिनेता की लोकेशन और दिनचर्या की जानकारी जुटाई।
फायरिंग के बाद आरोपी बाइक छोड़कर रेलवे स्टेशन पहुंचे और ट्रेन से मुंबई से बाहर निकल गए। पुलिस से सूचना मिलने के बाद कोटा पुलिस ने सोमवार सुबह करीब 10:30 बजे पुणे-जयपुर एक्सप्रेस के जनरल कोच से तीनों को हिरासत में लिया। वे जयपुर के रास्ते दिल्ली होते हुए नेपाल भागने की तैयारी में थे। उनके पास से कोई हथियार बरामद नहीं हुआ।
लॉरेंस गैंग से संपर्क की जांच
पुलिस के मुताबिक, पकड़े गए संदिग्धों में हरियाणा के सोनीपत का रेहान और बिहार के बेगूसराय का ऋतिक कुमार उर्फ रोशन शामिल हैं। तीसरे आरोपी के नाबालिग होने की चर्चा को पुलिस ने खारिज किया है। जांच एजेंसियां आरोपियों से पूछताछ कर साजिश में शामिल अन्य लोगों की भूमिका पता लगा रही हैं। सोशल मीडिया पर अनिल पंडित की ओर से हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा भी सामने आया है, जिसकी सत्यता की जांच जारी है।





