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‘नमस्ते’ योजना में छत्तीसगढ़ देश में संयुक्त रूप से प्रथम

1428 सीवर-सेप्टिक टैंक कर्मियों को PPE किट, 1374 के आयुष्मान कार्ड बने; 47 ईआरएसयू और 14420 हेल्पलाइन से आपातकालीन व्यवस्था

रायपुर। सीवर और सेप्टिक टैंक कर्मियों की सुरक्षा, सम्मान और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। केंद्र सरकार की ‘नेशनल एक्शन फॉर मैकेनाइज्ड सैनिटेशन इकोसिस्टम’ (NAMASTE) योजना के क्रियान्वयन की रैंकिंग में छत्तीसगढ़ ने संयुक्त रूप से देश में पहला स्थान हासिल किया है। छत्तीसगढ़ के साथ आंध्रप्रदेश, ओडिशा, त्रिपुरा, उत्तरप्रदेश और केंद्रशासित प्रदेश पुडुचेरी भी संयुक्त रूप से पहले स्थान पर हैं।

उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव ने इस उपलब्धि पर नगरीय निकायों और विभागीय अधिकारियों-कर्मचारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि स्वच्छता कर्मियों की सुरक्षा, सम्मान और बेहतर कार्य परिस्थितियां सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता हैं। जोखिमपूर्ण स्वच्छता कार्यों को खत्म करने के लिए मशीनीकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है।

1487 कर्मियों का सर्वे, 1465 सत्यापित

विभाग के अनुसार राज्य में अब तक 1487 सीवर एवं सेप्टिक टैंक कर्मियों का सर्वेक्षण किया गया है। इनमें से 1465 का सत्यापन हो चुका है। 169 नगरीय निकायों में 1428 कर्मियों को PPE किट और 1374 को आयुष्मान भारत कार्ड दिए गए हैं। 139 कर्मियों को व्यावसायिक सुरक्षा प्रशिक्षण दिया गया, जबकि 923 स्वच्छता कर्मियों के लिए कार्यशालाएं आयोजित की गईं।

14 जुलाई को राज्य के सभी नगरीय निकायों में ‘नमस्ते दिवस’ मनाया गया था। इसमें 15 हजार से ज्यादा स्वच्छता कर्मियों, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और नागरिकों ने हिस्सा लिया।

8527 वेस्ट पिकर्स की प्रोफाइलिंग

योजना के तहत कचरा बीनने वालों के लिए भी काम किया जा रहा है। राज्य में 8527 वेस्ट पिकर्स की प्रोफाइलिंग की गई है। इनमें 6799 का सत्यापन हो चुका है। 991 को PPE किट और 512 को व्यावसायिक सुरक्षा प्रशिक्षण दिया गया है। 6287 वेस्ट पिकर्स को प्रशिक्षण देने की तैयारी चल रही है।

47 ईआरएसयू और 14420 हेल्पलाइन

आपातकालीन स्वच्छता सेवाओं के लिए राज्य में 47 Emergency Response Sanitation Units (ERSU) स्थापित किए गए हैं। इनमें 14 नगर निगम, 24 जिला मुख्यालय और 9 अन्य बड़े निकाय शामिल हैं। 39 ईआरएसयू को सुरक्षा किट उपलब्ध कराई जा चुकी हैं। इनके साथ 14420 हेल्पलाइन के जरिए आपात स्थिति में त्वरित और सुरक्षित प्रतिक्रिया की व्यवस्था की गई है।

100 अंकों के पैमाने पर हुआ मूल्यांकन

‘नमस्ते’ योजना में राज्यों का मूल्यांकन 100 अंकों के आधार पर किया गया। इसमें कर्मियों के सत्यापन के 20, मशीनीकरण के 10, ईआरएसयू और हेल्पलाइन के 20, सामाजिक सुरक्षा के 20 और स्वच्छता मृत्यु के मामलों में प्रवर्तन, मुआवजा व जवाबदेही के 30 अंक निर्धारित थे। इन्हीं मानकों के आधार पर छत्तीसगढ़ ने संयुक्त रूप से प्रथम रैंक हासिल की है।

भारत सरकार ने वर्ष 2023 में ‘नमस्ते’ योजना शुरू की थी। इसका उद्देश्य स्वच्छता कार्यों में मशीनीकरण बढ़ाना, खतरनाक हाथ से सफाई की प्रथा समाप्त करना और Zero Fatality का लक्ष्य हासिल करना है।

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