बस्तर में हुई मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक, अमित शाह बोले- नक्सलमुक्त भारत ऐतिहासिक उपलब्धि

रायपुर। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को बस्तर में मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में विष्णु देव साय, मोहन यादव, योगी आदित्यनाथ और पुष्कर सिंह धामी सहित सदस्य राज्यों और केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
बैठक को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि यह बेहद हर्ष का विषय है कि मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक बस्तर में आयोजित हो रही है और बैठक से पहले ही पूरा बस्तर नक्सलमुक्त हो चुका है।
उन्होंने देश के पूर्ण रूप से नक्सलमुक्त होने को ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए इसका श्रेय सुरक्षाबलों के साहस, केंद्रीय एजेंसियों की सटीक रणनीति और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व को दिया। शाह ने कहा कि “Whole of the Government Approach” के तहत केंद्र और राज्य सरकारों ने मिलकर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास पहुंचाने का काम किया है।
उन्होंने कहा कि नक्सलमुक्ति के बाद अब सबसे बड़ी चुनौती इन इलाकों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है। जब तक नक्सल प्रभावित क्षेत्रों को देश के अन्य विकसित इलाकों के बराबर नहीं लाया जाएगा, तब तक यह लड़ाई पूरी नहीं मानी जाएगी। गृह मंत्री ने कहा कि आज पूरा मध्य क्षेत्र न केवल नक्सलमुक्त हुआ है, बल्कि राज्यों और केंद्र के बीच के विवाद भी समाप्त हो चुके हैं।
अमित शाह ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में क्षेत्रीय परिषद की बैठकें अब संवाद से समाधान का मजबूत मंच बन चुकी हैं। वर्ष 2004 से 2014 के बीच जहां परिषद की केवल 11 बैठकें हुई थीं, वहीं 2014 से 2026 के बीच यह संख्या बढ़कर 32 हो गई। चर्चित मुद्दों की संख्या में भी 200 प्रतिशत से अधिक वृद्धि दर्ज की गई है।
बैठक में कुपोषण, स्कूल ड्रॉपआउट, शिक्षा की गुणवत्ता, साइबर सुरक्षा, डीबीटी व्यवस्था, महिला एवं बाल सुरक्षा और न्याय व्यवस्था में सुधार जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
गृह मंत्री ने राज्यों से POCSO और बलात्कार मामलों में शत-प्रतिशत दोषसिद्धि सुनिश्चित करने, पांच वर्ष से लंबित मामलों के लिए विशेष अदालतें गठित करने तथा 1930 साइबर हेल्पलाइन को अपडेट करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जिस तरह देश को नक्सलवाद से मुक्त किया गया है, उसी तरह 2029 से पहले हर आपराधिक मुकदमे को तीन साल के भीतर सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचाने का लक्ष्य पूरा करना होगा।





