आयुर्वेदिक कॉलेज पर CBI का शिकंजा, 10 लाख की रिश्वत देने का आरोप

13 शिक्षकों के पक्ष में रिपोर्ट देने के लिए NCISM की हियरिंग कमेटी सदस्य को रिश्वत की पेशकश; शिकायत के बाद केस दर्ज

जूनागढ़। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने गुजरात के जूनागढ़ स्थित नोबेल आयुर्वेदिक कॉलेज के ट्रस्टी प्रतीक मोरी और फैकल्टी सदस्य अभय नलावड़े के खिलाफ रिश्वतखोरी के आरोप में केस दर्ज किया है। दोनों पर आरोप है कि उन्होंने नेशनल कमीशन फॉर इंडियन सिस्टम ऑफ मेडिसिन (NCISM) की हियरिंग कमेटी की सदस्य रुपाली महाडिक को 13 शिक्षकों के पक्ष में रिपोर्ट देने के लिए 10 लाख रुपए की रिश्वत देने की पेशकश की।

CBI की FIR के मुताबिक, कॉलेज में जिन 13 शिक्षकों के नाम दर्ज थे, उनके केवल कागजों पर मौजूद होने का संदेह था। इसी मामले में NCISM की ओर से जांच और सुनवाई की प्रक्रिया चल रही थी। आरोप है कि रिपोर्ट को अपने पक्ष में कराने के लिए आरोपियों ने कमेटी की सदस्य से संपर्क किया।

वॉट्सऐप कॉल पर पहले हुई बात

FIR के अनुसार, फैकल्टी सदस्य अभय नलावड़े ने कथित तौर पर वॉट्सऐप कॉल के जरिए रुपाली महाडिक से संपर्क किया और मामले में मदद करने के बदले रिश्वत की पेशकश की। इसके बाद कॉलेज के ट्रस्टी प्रतीक मोरी ने कथित तौर पर 10 लाख रुपए देने का वादा किया।

रुपाली महाडिक ने रिश्वत लेने से इनकार कर दिया और पूरे मामले की शिकायत CBI से की। शिकायत मिलने के बाद एजेंसी ने प्रारंभिक जांच की और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया।

CBI अब रिश्वत की पेशकश, 13 शिक्षकों से जुड़े दस्तावेज और कॉलेज की भूमिका की जांच कर रही है। अधिकारियों के मुताबिक, जांच के दौरान सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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