जंगल में माओवादियों का हथियार डंप मिला, 208 डेटोनेटर समेत 13 हथियार जब्त

सुकमा। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में सुरक्षा बलों को माओवादियों के खिलाफ अभियान में सफलता मिली है। किस्टाराम थाना क्षेत्र के पालाचलमा जंगल में तलाशी के दौरान माओवादियों का छिपाकर रखा गया हथियार डंप बरामद किया गया है। यहां से 13 हथियार, 208 नॉन-इलेक्ट्रिक डेटोनेटर, जिंदा कारतूस और विस्फोटक सामग्री जब्त की गई है।
पुलिस के मुताबिक, हाल ही में आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों से मिली जानकारी के आधार पर यह कार्रवाई की गई। इसके बाद 12 अक्टूबर को जिला पुलिस बल, डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (DRG) और बस्तर फाइटर्स की संयुक्त टीम ने पालाचलमा के पहाड़ी और घने जंगलों में सर्च ऑपरेशन चलाया। तलाशी के दौरान जमीन और पत्थरों के नीचे छिपाकर रखी गई सामग्री मिली।
दो .303 रायफल और चार ग्रेनेड लॉन्चर बरामद
सुरक्षा बलों ने डंप से दो .303 रायफल, चार बीजीएल (बैरल ग्रेनेड लॉन्चर), तीन 12 बोर रायफल, एक सिंगल शॉट वेपन, दो भरमार बंदूक और एक देशी कट्टा बरामद किया। इसके अलावा इंसास मैगजीन के साथ 26 जिंदा राउंड और 12 बोर के 20 कारतूस भी मिले हैं।
मौके से 208 नॉन-इलेक्ट्रिक डेटोनेटर, एक तीर बम, दो बीजीएल सेल, मैगजीन पाउच, एक वायरलेस सेट और दो चार्जर भी जब्त किए गए हैं। पुलिस बरामद सामग्री की जांच कर रही है।
आत्मसमर्पित माओवादियों से मिली थी जानकारी
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आत्मसमर्पित माओवादियों से मिले इनपुट के आधार पर जंगल में हथियारों की तलाश की गई थी। अधिकारियों का मानना है कि इस तरह के डंप माओवादी गतिविधियों के लिए हथियार और विस्फोटक जमा करने में इस्तेमाल किए जाते हैं।
बस्तर संभाग में सुरक्षा बल लगातार नक्सल विरोधी अभियान चला रहे हैं। सुकमा सहित बीजापुर, कांकेर, नारायणपुर और दंतेवाड़ा के दुर्गम इलाकों में भी तलाशी अभियान चलाए जा रहे हैं। सुरक्षा बलों का फोकस माओवादी ठिकानों का पता लगाने और हथियारों व विस्फोटक सामग्री की बरामदगी पर है।





