अबूझमाड़ के मुहाने पर बदली तस्वीर, कचोरा के 24 घरों तक पहुंचा नल से पानी

जल जीवन मिशन से मिली राहत, 2 सोलर टंकियों और 2084 मीटर पाइपलाइन से दूर हुई पेयजल की समस्या
रायपुर, 22 अक्टूबर। नारायणपुर जिला मुख्यालय से करीब 55 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत महोरा का आश्रित गांव कचोरा अब पेयजल के लिए संघर्ष नहीं कर रहा है। जल जीवन मिशन के तहत गांव के सभी 24 परिवारों तक नल से शुद्ध पेयजल पहुंच रहा है। इससे ग्रामीणों, खासकर महिलाओं को पानी जुटाने के लिए रोजाना होने वाली मशक्कत से राहत मिली है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप दूरस्थ क्षेत्रों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने की दिशा में इसे महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों वाले इस गांव में अधिकांश परिवार कृषि पर निर्भर हैं।
2 सोलर टंकियां, 2084 मीटर पाइपलाइन
गांव में पेयजल की समस्या दूर करने के लिए जल जीवन मिशन के तहत करीब 2084 मीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई गई। साथ ही 10 हजार लीटर क्षमता वाली दो सोलर आधारित पानी की टंकियां बनाई गईं। इन व्यवस्थाओं से गांव के शत-प्रतिशत 24 परिवारों को घर पर ही नल से पानी मिल रहा है।
पहले ग्रामीणों को पेयजल की व्यवस्था करने में समय और श्रम खर्च करना पड़ता था। अब घर तक पानी पहुंचने से उनकी दिनचर्या आसान हुई है। पानी की उपलब्धता से स्वच्छता बनाए रखने और सुरक्षित पेयजल के इस्तेमाल में भी मदद मिलेगी।
‘हर घर जल उत्सव’ में लिया संरक्षण का संकल्प
योजना पूरी होने पर गांव में ‘हर घर जल उत्सव’ मनाया गया। ग्रामसभा में ‘जल अर्पण’ कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने जल स्रोतों का संरक्षण करने, स्वच्छता बनाए रखने और पानी की बर्बादी रोकने का संकल्प लिया।
रखरखाव की जिम्मेदारी भी गांव की
योजना को लंबे समय तक सुचारू रखने के लिए पंप संचालन, रखरखाव, जल गुणवत्ता परीक्षण और निगरानी की जिम्मेदारियां स्थानीय स्तर पर तय की गई हैं। कचोरा की यह पहल बताती है कि सरकारी योजनाओं के साथ ग्रामीणों की भागीदारी से दूरस्थ इलाकों में भी बुनियादी सुविधाएं पहुंचाई जा सकती हैं।





