नंदनवन सफारी में 25 साल की मादा हिंमालयन भालू ‘फफोरी’ की मौत: 2012 में गुवाहाटी से लाई गई थी, पोस्टमार्टम के बाद अंतिम संस्कार

रायपुर। नवा रायपुर स्थित नंदनवन जू एवं जंगल सफारी में 25 वर्षीय मादा हिमालयन भालू ‘फफोरी’ की मौत हो गई। सफारी प्रबंधन के मुताबिक, 19 अक्टूबर की मध्यरात्रि में उसकी मृत्यु हुई।
उम्र अधिक होने के कारण उसकी मौत होना बताया जा रहा है। फफोरी पिछले 14 साल से नंदनवन में रह रही थी। पोस्टमार्टम के बाद वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की मौजूदगी में उसका विधिवत अंतिम संस्कार किया गया।
2012 में गुवाहाटी से लाई गई थी फफोरी
जंगल सफारी प्रबंधन से मिली जानकारी के अनुसार, फफोरी को वर्ष 2012 में वन्यप्राणी आदान-प्रदान कार्यक्रम के तहत असम के गुवाहाटी चिड़ियाघर से रायपुर लाया गया था। उस समय उसकी उम्र करीब 12 साल थी। इसके बाद से वह नंदनवन जू के हिमालयन भालू बाड़े में रह रही थी।
करीब 14 साल तक नंदनवन में रहने के दौरान उसकी देखभाल सफारी प्रबंधन की निगरानी में की जा रही थी। प्रबंधन के अनुसार, बढ़ती उम्र उसकी मृत्यु का कारण है।
पोस्टमार्टम के बाद किया अंतिम संस्कार
फफोरी की मौत के बाद वन्यप्राणी चिकित्साधिकारी ने नियमानुसार पोस्टमार्टम किया। इसके बाद सफारी प्रबंधन और वन्यजीवों की देखभाल से जुड़े कर्मचारियों ने उसे श्रद्धांजलि दी और अंतिम संस्कार किया।
इस दौरान नंदनवन जू एवं जंगल सफारी के संचालक सह-वनमंडलाधिकारी पंकज राजपूत, सहायक संचालक, वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, पशुपालक और सुरक्षा कर्मचारी मौजूद रहे।
प्रबंधन ने जताया दुख
फफोरी की मौत से जंगल सफारी प्रबंधन और उसकी देखभाल करने वाले कर्मचारियों ने दुख जताया है। प्रबंधन का कहना है कि सफारी में वन्यजीवों के स्वास्थ्य की नियमित निगरानी और उनकी देखभाल के लिए जरूरी व्यवस्थाएं की जाती हैं। फफोरी की मौत के बाद सफारी में उससे जुड़े कर्मचारियों ने उसे श्रद्धांजलि दी।





