खाने का तेल सस्ता होगा, नई कस्टम ड्यूटी आज से लागू

सूरजमुखी तेल पर बेसिक कस्टम ड्यूटी खत्म, सोया-पाम ऑयल पर शुल्क 5% घटा; आयात लागत कम होने की उम्मीद
नई दिल्ली। खाने का तेल खरीदने वाले ग्राहकों को जल्द राहत मिल सकती है। केंद्र सरकार ने विभिन्न खाद्य तेलों पर बेसिक कस्टम ड्यूटी में कटौती की है। वित्त मंत्रालय के मुताबिक नई दरें 24 सितंबर से लागू होंगी। सरकार ने क्रूड सोया ऑयल और क्रूड पाम ऑयल पर कस्टम ड्यूटी 10% से घटाकर 5% कर दी है। वहीं क्रूड सूरजमुखी तेल पर ड्यूटी 10% से घटाकर शून्य कर दी गई है।
सरकार के इस फैसले से खाद्य तेलों के आयात की लागत कम होने की उम्मीद है। इसका असर घरेलू बाजार की कीमतों पर भी पड़ सकता है। हालांकि, ग्राहकों को वास्तविक राहत कितनी मिलेगी, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि आयात लागत में कमी का फायदा कंपनियां और सप्लाई चेन किस हद तक आगे ग्राहकों तक पहुंचाती हैं।
रिफाइंड तेल पर भी शुल्क घटा
सरकार ने रिफाइंड खाद्य तेलों पर भी कस्टम ड्यूटी कम की है। रिफाइंड सोया और रिफाइंड पाम ऑयल पर शुल्क 32.5% से घटाकर 27.5% कर दिया गया है। वहीं रिफाइंड सूरजमुखी तेल पर कस्टम ड्यूटी 32.5% से घटाकर 22.5% की गई है।
पाम और सोया तेल की सबसे ज्यादा खपत
भारत में पाम, सोया, सरसों, सूरजमुखी और मूंगफली तेल का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर होता है। पाम तेल अपेक्षाकृत सस्ता होने के कारण नमकीन, बिस्कुट, पैकेज्ड फूड और बाहर के खाने में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जाता है।
सोयाबीन तेल हल्का और किफायती होने के कारण घरों में रोजमर्रा के खाना पकाने के लिए लोकप्रिय है। सरसों का तेल उत्तर और पूर्वी भारत में ज्यादा इस्तेमाल होता है। सूरजमुखी तेल को हल्का माना जाता है और शहरी परिवारों में इसकी मांग रहती है। वहीं मूंगफली तेल का इस्तेमाल गुजरात और दक्षिण भारत के कई हिस्सों में ज्यादा किया जाता है।





