सलमान खान की ‘मातृभूमि’ पर संकट? नई गाइडलाइन में चीन से जुड़े नियम सख्त

दिल्ली। भारतीय फिल्मों के सर्टिफिकेशन को लेकर सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने नई गाइडलाइन जारी की है। 18 सितंबर 2026 को जारी संशोधित दिशा-निर्देशों ने फिल्म प्रमाणन की प्रक्रिया में कंटेंट, सामाजिक जिम्मेदारी और उम्र आधारित वर्गीकरण से जुड़े नियमों को स्पष्ट किया है। सरकार के अनुसार, सेंसरशिप के साथ फिल्मकारों की रचनात्मक स्वतंत्रता के बीच संतुलन बनाए रखने पर भी जोर दिया गया है।
नई गाइडलाइन में हिंसा और अपराध के महिमामंडन पर रोक को स्पष्ट किया गया है। अपराध करने के तरीकों को इस तरह विस्तार से दिखाने से बचना होगा, जिससे उसका अनुकरण किया जा सके। अनावश्यक क्रूरता, अत्यधिक हिंसा और डरावने दृश्यों को भी सीमित करने के निर्देश हैं।
बच्चों को हिंसा का शिकार या उसका हिस्सा दिखाने, उनके साथ दुर्व्यवहार और कमजोर वर्गों के अपमानजनक चित्रण को लेकर भी सावधानी बरतने को कहा गया है। दिव्यांग लोगों का मजाक उड़ाने या उनके साथ दुर्व्यवहार और जानवरों के साथ अनावश्यक क्रूरता वाले कंटेंट पर भी रोक रहेगी।
शराब, ड्रग्स और धूम्रपान के महिमामंडन से बचना होगा। नशीले पदार्थों से जुड़े दृश्यों में निर्धारित चेतावनी दिखाने का प्रावधान भी है। यौन हिंसा को जरूरत होने पर कहानी के संदर्भ में दिखाया जा सकता है, लेकिन उसे ग्राफिक या बेहद विस्तृत तरीके से प्रदर्शित नहीं किया जा सकेगा। महिलाओं को अपमानजनक तरीके से दिखाने वाले कंटेंट पर भी रोक रहेगी।
धर्म, समुदाय, नस्ल, राष्ट्रीय सुरक्षा, सार्वजनिक व्यवस्था, भारत की संप्रभुता और दूसरे देशों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंधों से जुड़े प्रावधान भी लागू रहेंगे। मानहानि और अदालत की अवमानना से संबंधित कंटेंट को लेकर भी नियम स्पष्ट किए गए हैं।
उम्र के हिसाब से सर्टिफिकेशन
फिल्मों के लिए U/A 7+, U/A 13+ और U/A 16+ जैसी उम्र आधारित कैटेगरी का प्रावधान है। ये वर्गीकरण 2024 के सर्टिफिकेशन नियमों और 2025 की गाइडलाइन में पहले ही शामिल किए जा चुके थे।
मंत्रालय ने इसी सप्ताह CBFC का 18 सदस्यीय नया बोर्ड भी गठित किया है। इसमें प्रीति जिंटा, सुनील शेट्टी, पंकज त्रिपाठी, रुपाली गांगुली, पल्लवी जोशी और प्रोसेनजीत चटर्जी समेत सिनेमा और टीवी से जुड़े नाम शामिल हैं।





