शहरों का विकास अब नागरिक सुविधाओं पर फोकस, 240 ई-बसों से मजबूत होगा पब्लिक ट्रांसपोर्ट

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि शहरों का विकास सिर्फ सड़क और दूसरी अधोसंरचना बनाने तक सीमित नहीं होना चाहिए।
नागरिकों को स्वच्छता, शुद्ध पेयजल, बेहतर सड़क, प्रकाश व्यवस्था और सुगम सार्वजनिक परिवहन जैसी मूलभूत सुविधाएं गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध तरीके से मिलनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने मंगलवार को मंत्रालय महानदी भवन में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को विकास कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग और समय-सीमा में काम पूरा करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन की ओर से स्वीकृत योजनाओं का वास्तविक लाभ लोगों तक पहुंचना अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। निर्माण कार्यों में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने काम में तेजी के साथ गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने को कहा।
38 नगरीय निकायों में नालंदा परिसर
युवाओं को पढ़ाई के लिए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रदेश के 38 नगरीय निकायों में सेंट्रल लाइब्रेरी सह रीडिंग जोन ‘नालंदा परिसर’ बनाए जा रहे हैं। इनमें 31 परियोजनाओं पर काम चल रहा है। मुख्यमंत्री ने निर्माणाधीन परिसरों का काम तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए। रायपुर में बन रहे नालंदा परिसर की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
32 निकायों के लिए 200 करोड़
बैठक में आदर्श शहर समृद्धि योजना की भी समीक्षा हुई। वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में इसके लिए 200 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। योजना के तहत 32 नगरीय निकायों का चयन किया गया है। मुख्यमंत्री ने शहरों की भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर सड़क, बाईपास, फ्लाईओवर, सर्विस लेन और अंडरपास जैसी सुविधाएं विकसित करने पर जोर दिया।
रायपुर स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में देश में छठे नंबर पर
अधिकारियों ने बताया कि स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 में 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की श्रेणी में रायपुर ने 189 अंक हासिल कर देश में छठा स्थान प्राप्त किया है। मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि के लिए नगर निगम और विभाग की टीम को बधाई दी। उन्होंने शहरों में हरित क्षेत्र बढ़ाने और कम वृक्ष वाले क्षेत्रों में व्यापक पौधरोपण करने के निर्देश दिए।
चार शहरों में चलेंगी 240 ई-बसें
प्रधानमंत्री ई-बस सेवा के तहत रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और कोरबा में कुल 240 ई-बसें चलाने की तैयारी है। आवश्यक अधोसंरचना का काम मार्च 2027 से पहले पूरा करने और इसके बाद बसों का संचालन शुरू करने का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे नागरिकों को सुविधाजनक और पर्यावरण-अनुकूल सार्वजनिक परिवहन मिलेगा।
अमृत मिशन में देरी पर जताई नाराजगी
अमृत मिशन 2.0 की समीक्षा के दौरान अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताई। उन्होंने लंबित कार्यों को मिशन मोड में पूरा करने और शहरी क्षेत्रों में शत-प्रतिशत पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वहीं, 8 नगरीय निकायों में करीब 800 करोड़ रुपए की लागत से CBG प्लांट स्थापित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरी विकास की सभी योजनाओं का असर धरातल पर स्पष्ट दिखाई देना चाहिए।





