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शिक्षक राष्ट्र निर्माण की धुरी, 21 उत्कृष्ट शिक्षक सम्मानित: मंत्री रामविचार नेताम बोले- गुरु एक पीढ़ी के चरित्र और सोच का निर्माता

बलरामपुर। शिक्षक दिवस के अवसर पर बलरामपुर-रामानुजगंज जिला मुख्यालय स्थित ऑडिटोरियम भवन में जिला स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कृषि विकास एवं कल्याण, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास मंत्री रामविचार नेताम रहे। उन्होंने कहा कि राष्ट्र के भविष्य निर्माण में शिक्षकों का योगदान अमूल्य है। शिक्षक केवल पाठ्यक्रम पूरा कराने वाला नहीं, बल्कि पूरी पीढ़ी के चरित्र, सोच और व्यक्तित्व का निर्माता होता है।

मंत्री नेताम ने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान देने के साथ नैतिक मूल्य, अनुशासन और संस्कार भी देते हैं। वे बच्चों में स्वतंत्र सोच, रचनात्मकता और नई चीजें सीखने की जिज्ञासा विकसित करते हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप जिले के युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रयास विद्यालय और नर्सिंग महाविद्यालय की स्थापना की जा रही है।

कलेक्टर ने बताया शिक्षकों को राष्ट्र निर्माण की धुरी

कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी ने शिक्षकों को राष्ट्र निर्माण की धुरी बताते हुए कहा कि वे विद्यार्थियों का मार्गदर्शन इस तरह करें कि बच्चे आगे चलकर समाज के लिए मिसाल बनें। उन्होंने शिक्षा के साथ विद्यार्थियों में संस्कार और जिम्मेदारी की भावना विकसित करने पर जोर दिया।

21 शिक्षकों को मिला सम्मान

समारोह में जिले के 21 उत्कृष्ट शिक्षकों को सम्मानित किया गया। ज्ञानदीप पुरस्कार से शासकीय माध्यमिक शाला कोरवापारा के शिक्षक श्याम सुंदर चौरगे, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला डौरा की शिक्षिका नीलीमा एक्का और शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला चिरई, शंकरगढ़ के प्रधान पाठक जवाहर लाल पैकरा को सम्मानित किया गया।

वहीं शिक्षादूत पुरस्कार से जिले के विभिन्न विकासखंडों के 18 शिक्षकों को उत्कृष्ट शैक्षणिक सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, अधिकारी, शिक्षक-शिक्षिकाएं और विद्यार्थी मौजूद रहे।

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